मथुरा। जिले में पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत क्षय रोगियों के इलाज की एक और नई व्यवस्था शुरू हो गई है। अब मथुरा के टीबी के गंभीर रोगियों को जांच के लिए आगरा नहीं जाना होगा। उनकी सभी जांच और उपचार की व्यवस्था वृंदावन स्थित सौ शैया अस्पताल में स्थापित जिला डीआरटीबी सेंटर में होगी। इस सेंटर ने काम करना भी शुरू कर दिया है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डा. आलोक कुमार ने बताया कि जिले में प्रतिमाह 35-40 टीबी के गंभीर रोगी सामने आ रहे हैं। पहले इन मरीजों का इलाज शुरू करने से पूर्व जांच के लिए आगरा एसएन मेडिकल कालेज भेजा जाता था। उपचार में भी 24 से 27 माह लगते थे।
वर्तमान में इन रोगी का इलाज नौ से 11 महीने चलेगा। रोगी को भर्ती होने के लिए आगरा नहीं जाना पड़ेगा। वृंदावन में स्थापित सेंटर पर बिगड़ी हुई टीबी के रोगियों की सभी प्रकार की जांच कराई जाएंगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि क्षय रोगी को दी जाने वाली औषधि उसे असर कर रही है या नहीं। जिला एमडीआर समन्वयक नवल किशोर ने बताया कि जिले में टीबी के रोगी बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं।