मथुरा। नगर निगम में कर निर्धारण लटक गया है। निगम अब कर निर्धारण से पहले जीआईएस (जियोग्राफिक इंफार्मेशन सिस्टम) सर्वे कराएगा। इसके बाद ही कर निर्धारण की कार्रवाई पूरी की जाएगी।
निगम को अभी तक यह ही नहीं मालूम है कि उसके क्षेत्र में वास्तव में कितने आवास, कामर्शियल कॉम्पलेक्स आदि हैं जिन पर कर लगाया जाए। इनकी वास्तविक संख्या जाने बिना निगम ने कर निर्धारण की कार्रवाई पूरी कर ली थी। निगम द्वारा स्वकर निर्धारण की प्रक्रिया को अपनाते हुए कर निर्धारण किया गया था। निगम की कर निर्धारण की प्रक्रिया पर तमाम लोगों ने आपत्तियां भी लगाईं थीं। इनका निस्तारण कर कुछ कालोनियों के कर में कमी किए जाने का आश्वासन भी दिया था।
नवागत नगर आयुक्त समीर वर्मा ने इसे गंभीरता से लिया और निगम की कर निर्धारण की कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया।
उन्होंने पहले निगम के क्षेत्र के आवास, कामर्शियल कॉम्पलेक्स आदि की वास्तविक संख्या जानने के लिए जीआईएस सर्वे कराए जाने का निर्णय लिया है। नगर आयुक्त समीर वर्मा ने बताया कि जीआईएस सर्वे के बाद ही वास्तव में कर निर्धारण किया जाना चाहिए। हम जल्द ही जीआईएस सर्वे करा रहे हैं। जानकारी रहे पूर्व में तत्कालीन नगर आयुक्त उज्ज्वल कुमार ने जीआईएस सर्वे करने वाली कंपनियों द्वारा सर्वे के लिए मोटी रकम मांगने के कारण इसे नजरअंदाज कर दिया था।