मथुरा। रोड पर चेकिंग करने, कर चोरी के माल पर टैक्स वसूली करने वाले जीएसटी के सचल दस्ते अब एक और भूमिका में नजर आ रहे हैं। ये अफसर रास्ते में चेकिंग के दौरान वाहन चालकों को ई-वे बिल की खामियां बता रहे हैं उसे डाउनलोड करने का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
एक अप्रैल से नेशनल ई-वे बिल व्यवस्था लागू की गई है। लेकिन इस हाईटेक व्यवस्था में व्यापारी खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। ई-वे बिल डाउनलोड करने में आ रही दिक्कतों के साथ ही बिल संख्या आदि अंकित करने में भी खामियां आ रही हैं।
इधर, सचल दस्ते पर लगी टीमों के अफसर ई-वे बिल की खामियों पर उन्हें सुधारने की हिदायत के साथ ही विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए स्मार्ट फोन से ई-वे बिल डाउनलोड करने की ट्रेनिंग भी दे रहे हैं। सचल दल प्रभारी संदीप कुमार सिंह ने बताया एक अप्रैल से लागू हुई नेशनल ई-वे बिल व्यवस्था में अधिकांश वाहन चालक ई-वे बिल साथ लेकर चल रहे हैं। उनमें खामियों को लेकर हिदायत के साथ ही ई-वे बिल डाउनलोडिंग की ट्रेनिंग भी दी जा रही है।
एक क्लिक में स्क्रीन पर नजर आ रही व्यापारियों की कुंडली
जीएसटी के सचल दस्तों के लिए विभाग द्वारा तैयार कराया गया सॉफ्टवेयर ‘ऑफीसर लॉग इन’ अचूक हथियार साबित हो रहा है। इसका इस्तेमाल अफसर रोड पर चेकिंग के दौरान कर रहे हैं। इस सॉफ्टवेयर में जीएसटी नंबर लॉग इन के साथ ही वाहन के साथ लगे कागज, फर्म की लोकेशन की पूरी डिटेल स्क्रीन पर नजर आने लगती है।