मैनपुरी। गांव के विवादों का गांव मेें ही निपटारा करने के लिए ग्राम राजस्व समिति गठित होगी। राजस्व परिषद के अध्यक्ष ने इस संबंध में डीएम को निर्देश जारी कर शीघ्र ही समितियों का गठन कराने के निर्देश दिए हैं।
पांच सदस्यीय ग्राम राजस्व समिति का अध्यक्ष ग्राम प्रधान, चुनाव में दूसरे नंबर पर रहने वाला प्रत्याशी उपाध्यक्ष होगा। ऐसा न होने पर राजस्व समिति के सदस्य अपने बीच से ही चुनाव करेंगे। शेष तीन सदस्यों में से एक महिला, एक एससी वर्ग, एक पिछड़ा वर्ग का सदस्य होना अनिवार्य है।
तीन सदस्यों का चुनाव भूमि प्रबंधक समिति के सदस्यों में से किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष तिथि और समय निर्धारित कर समिति के दो तिहाई सदस्यों की उपस्थिति में चुनाव कराएंगे। अधिक दावेदार होने पर बैठक में ही गुप्त मतदान के जरिए चुनाव होगा।
ग्राम राजस्व समिति गांव की सम्पत्तियों की सीमा, उत्तराधिकार, विरासत के मामलों का आपसी सहमति से निपटारा करेगी। मिल जुमला (मिले जुले) नंबरों के विभाजन, खाते के अंदर काश्तकारों का अंश निर्धारण, आबादी के सर्वेक्षण की प्रक्रिया का कार्य करेगी। विवादों के निस्तारण में समिति लेखपाल और राजस्व निरीक्षक के साथ ही पुलिस की भी मदद लेगी।
जिलाधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि राजस्व परिषद के निर्देश पर ग्राम राजस्व समितियां गठित की जाएंगीं। पंचायत राज विभाग को निर्देश दिए गए हैं। समितियों के गठन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।