फिरोजाबाद। अब हैंडपंप रीबोर करने की जिम्मेदारी शासन ने ग्राम पंचायतों को दे दी है। शासन के फरमान से जल निगम के अफसर पूरी तरह खाली हाथ बैठे हैं। गर्मी सीजन में भी विभाग को नए हैंडपंप लगाने और रीबोर के लिए बजट नहीं मिल सका।
जल निगम द्वारा हर साल नए हैंडपंप लगाने और रीबोर के लिए शासन से बजट की डिमांड की जाती थी। मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने आदेश जारी किए हैं कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिष्ठापित हैंडपंप रीबोरिंग का कार्य 14वें वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग के माध्यम से ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाएगा। संबंधित ग्राम पंचायतें हैंडपंपों का रीबोरिंग कार्य स्वयं करा सकती हैं अथवा कार्यदायी संस्था से करा सकती हैं।
जनपद में 12 हजार से अधिक हैंडपंप खराब और रीबोर की स्थिति में पड़े हैं। इन हैंडपंपों को ठीक कराने और रीबोर कराने के लिए जल निगम ने करीब दस माह पूर्व शासन को 44 करोड़ 45 लाख की डिमांड भेजी गई लेकिन गर्मी के सीजन में भी खराब हैंडपंप ठीक कराने को बजट नहीं मिल सका।
एक्सईएन जलनिगम आरसी सैनी अब तक हैंडपंप रीबोर करने का कार्य जल निगम द्वारा किया जाता था लेकिन अब शासन ने यह जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंप दी है। जनपद में रीबोर योग्य हैंडपंपों की सूची ग्राम पंचायतों को सौंप दी गई हैं लेकिन उनके द्वारा कितने हैंडपंप रीबोर किए गए हैं, इसकी कोई सूचना नहीं दी गई।