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मैनपुरी में 23 दिन में 20 बच्चों की मौत: निमोनिया की चपेट में आ रहे मासूम, सर्दी में करें विशेष देखभाल

Fri, 24 Dec 2021 10:56 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

दिसंबर की शुरुआत के साथ ही जिले में सर्दी बढ़ी है। तापमान में कमी और सर्द हवाओं के चलने से सर्दी-जुकाम के साथ ही निमोनिया के मरीज बढ़े हैं। मैनपुरी में निमोनियो का कहर बच्चों पर बरपा है।
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मैनपुरी जिला अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मैनपुरी जिले में सर्दी बढ़ने के साथ ही निमोनिया के रोगी भी बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार 23 दिन में निमोनिया से पीड़ित 20 बच्चों की मौत हुई है। तीन बच्चों की मौत उपचार के दौरान हुई, जबकि 17 बच्चे निजी डॉक्टर के यहां से उपचार के बाद जिला अस्पताल में मृत अवस्था में पहुंचे थे। 23 दिन में जिला अस्पताल में निमोनिया के 157 मरीज भर्ती कराए गए। 
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जिला अस्पताल में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार एक से 23 दिसंबर तक 2070 बच्चे उपचार के लिए पहुंचे। इनमें से 14 सौ बच्चे सर्दी-जुकाम, निमोनिया और बुखार से पीड़ित थे। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दर्ज रिकार्ड के अनुसार इस महीने अब तक इमरजेंसी और वार्ड में पहुंचे 60 मरीजों की मौत हुई। इनमें 20 बच्चे शामिल थे।
झोलाछाप से इलाज बन रहा जानलेवा
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके शाक्य बताते हैं कि बच्चों की मौत लापरवाही से हो रही है। पहले लोग झोलाछाप से उपचार कराते रहते हैं। जब हालत बिगड़ती है तो जिला अस्पताल लेकर पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में उपचार के दौरान मात्र तीन बच्चों की मौत हुई है, जबकि 17 बच्चे मृत अवस्था में ही लाए गए। इसका पहले किसी प्राइवेट या फिर झोलाछाप के यहां इलाज हुआ।
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डॉक्टर डीके शाक्य ने बताया कि मौसम में सर्दी का प्रकोप बढ़ने के कारण निमोनिया के मरीज बढ़े हैं। यह संख्या और भी बढ़ सकती है। इसलिए जागरूकता जरूरी है। बच्चों को निमोनिया से बचाव के लिए उनका सर्दी से बचाव करें। 

निमोनिया के लक्षण
- सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द
- खांसी, जो कफ पैदा कर सकती है
- थकान महसूस होना
- बुखार, पसीना और कंपकंपी के साथ ठंड लगना
- मतली, उल्टी या दस्त

बचाव के उपाय
- बच्चों को सुबह शाम गर्म कपड़े पहनाएं
- बच्चों को सुबह शाम नंगे पैर बिल्कुल न चलने दें
- जरा भी दिक्कत होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार लें
- बुजुर्ग धूम्रपान से परहेज करें
- बच्चों को अच्छी खुराक दें

 
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