डा. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी में हुए बीएड जाली मार्कशीट घोटाले के मामले में जांच कर रही एसआईटी ने 20 और कॉलेजों को अपने रडार में लिया है। अब तक इस घोटाले में सात एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इनमें से चार मामलों में चार्जशीट तैयार हो गई है। चार्जशीट दाखिल करने के लिए एसआईटी ने सरकार से अनुमति मांगी है। जबकि बचे हुए तीन केस में चार्जशीट तैयार की जा रही है।
एसआईटी की जांच में अब तक इस यूनिवर्सिटी से संबद्ध 10 कॉलेजों का फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच एजेंसी ने अपनी एफआईआर में विश्वविद्यालय के कुलसचिव, सहायक कुलसचिव व क्लर्क सहित 90 से अधिक फर्जी डिग्री हासिल करने वाले छात्रों के नाम शामिल किए हैं। अब तक की जांच में 10 कालेजों के 393 छात्रों द्वारा फर्जी मार्कशीट लेने की बात सामने आ रही है।
एसआईटी के एडीजी महेंद्र मोदी ने बताया कि अब तक की जांच में 20 और कालेजों द्वारा फर्जी मार्कशीट जारी करने का पता चला है। इन कालेजों के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि चार एफआईआर में चार्जशीट दाखिल करने के लिए सरकार से अनुमति मांगी गई है। वहां से अनुमति मिलने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
अनुमति मिलने पर सौ से अधिक जाएंगे जेल
जिन चार एफआईआर में एसआईटी ने सरकार से आरोप पत्र लगाने की अनुमति मांगी है उनमें कुल सचिव, सहायक कुल सचिव और बाबुओं के अलावा फर्जी डिग्री हासिल करने वाले 90 छात्र आरोपी हैं। एडीजी ने बताया कि चार्जशीट की अनुमति मिलने के बाद इनकी गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू होगा। बताया कि शेष तीन एफआईआर में से दो में जांच एक माह में पूरी हो जाएगी और शासन से इन दोनों में चार्जशीट की अनुमति मांगी जाएगी। बचेगी एक एफआईआर तो उसकी जांच भी जल्दी पूरा करने का प्रयास होगा।