आठ दिन पहले खंदारी में डबल मर्डर...रविवार रात सराफ पर जान लेवा हमला, यह तो हाल की ऐसी सनसनीखेज वारदातें हैं जिनका पुलिस खुलासा नहीं कर पाई है। इसको लेकर भाजपा का पुलिस को कटघरे में खड़ा करना। दो घंटे तक भाजपाई आईजी कार्यालय पर पुलिस को कोसते रहे। इससे बौखलाई पुलिस आपा खो बैठी। उनका गुस्सा तो भाजपा पर था लेकिन उसे मीडियाकर्मियों पर उतारा। उन्हें सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।
रविवार रात सराफ पर हुए जानलेवा हमले के बाद भाजपा ने व्यापारियों के साथ सोमवार दोपहर दो बजे पुलिस लाइन स्थित आईजी कार्यालय पर धरने का एलान किया था। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया के नेतृत्व में दर्जनों भाजपा कार्यकर्ता और व्यापारियों ने आईजी कार्यालय पर धरना दिया।
शाम लगभग चार बजे तक धरना शांतिपूर्वक चलता रहा। सवा चार बजे के आसपास आईजी डीसी मिश्रा ज्ञापन लेने आए। आए दिन हो रहीं वारदात पर लगाम लगाने और इनके पिछली घटनाओं के जल्द खुलासे की मांग को लेकर विधायक योगेंद्र उपाध्याय और जगन प्रसाद गर्ग ने उन्हें ज्ञापन सौंपा।
यहीं पर योगेंद्र उपाध्याय और आईजी के बीच कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि आईजी ने ज्ञापन लेने के बाद भाजपा नेताओं पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। इधर, पुलिस की विफलताओं पर महिला मोर्चा की सदस्याएं पुलिस अधिकारियों को चूड़ी देने पर एसपी सिटी आरके सिंह और सीओ हरीपर्वत एके सिंह ने भी कोई टिप्पणी कर दी। इससे भाजपाइयों का गुस्सा भड़क गया।
विधायक योगेंद्र उपाध्याय और एसपी सिटी-सीओ में तीखी झड़प हुई। इस पर अन्य कार्यकर्ता भी उग्र हो गए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी यह देखकर उखड़ गए और उन्होंने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। भाजपाई तो तितर-बितर हो गए मगर पुलिसकर्मियों ने मीडियाकर्मियों को घेर लिया। भाजपाइयों का पूरा गुस्सा उन पर उतार दिया। कैमरे तो तोड़े ही पांच को लहूलुहान कर डाला।