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यहां शक्तिपीठ के दर्शन से पहले मां पथवारी के दरबार में लगाई जाती है हाजिरी

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मां पथवारी। - फोटो : अमर उजाला
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मथुरा। कृष्ण की नगरी में मां पथवारी देवी का प्राचीन मंदिर है। मान्यता है कि भक्त को किसी भी शक्तिपीठ के दर्शन करने से पहले हाजिरी लगाना जरूरी होता है। जिसके चलते मथुरा में पथवारी देवी मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व है। यहां पर दूर दूर से भक्त आते हैं।
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सनातन धर्म में देवी पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। इसलिए देवीभक्त 51 शक्तिपीठों के दर्शन कर अपने जीवन को सफल बनाने की कामना करते हैं। शक्तिपीठ के दर्शनों से पहले मां पथवारी देवी के दर्शन करने की भी धार्मिक मान्यता है और मां पथवारी ही भक्त के शक्तिपीठ के दर्शनों की यात्रा को सफल बनाती है। मां पथवारी के सेवायत राजेंद्र शर्मा ने बताया कि पथवारी शब्द का मतलब ही पथ पर जाने वालों की रक्षा करना है।

वृंदावन रोड पर मथुरा में स्थित मां पथवारी देवी के इस प्राचीन मंदिर के बारे में मशहूर है कि सैकड़ों वर्ष पूर्व मां दुर्गा के अनन्य भक्त राजा रूपचंद ने जब मां से अपना कोई चमत्कार दिखाने को कहा तो मां ने उसी समय उसे एक छोटी बच्ची के रूप में दर्शन दिए। धार्मिक मान्यता के चलते मां दुर्गा की शक्तिपीठ के दर्शनों से पहले इस पथवारी देवी मंदिर के दर्शन करने आते है। नवरात्र पर मां पथवारी के दर्शनों के लिए तांता लगा रहता है।
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