फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चावल की आड़ में सप्लाई हो रहा मिथाइल अल्कोहल पकड़ा

विज्ञापन
चावल की आड़ में सप्लाई हो रहा मिथाइल अल्कोहल पकड़ा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
एटा। पिछले कुछ माह से एटा में शराब बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले मिथाइल अल्कोहल की बड़ी खेप पकड़ीं जा रहीं हैं। सोमवार को पुलिस को एक ओर सफलता हाथ लगी। पुलिस ने करीब दो करोड़ कीमत का मिथाइल अल्कोहल बरामद किया है। यह मिथाइल अल्कोहल एक ट्रक में चावल के बोरों की आड़ में छिपाकर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन

पुलिस लाइन में जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि आसपुर मोड़ के समीप एक ट्रक जो चावल के बोरों की आड़ में छिपाकर मिथाइल अल्कोहल गोरखपुर ले जा रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर सकीट थाना पुलिस और स्वाट टीम ने ट्रक को रोक लिया। पुलिस ने जब ट्रक की तलाशी ली तो उम्मीद से अधिक मिथाइल अल्कोहल बरामद हुआ। पुलिस ने ट्रक से 180 बोरी चावल व उसकी आड़ में रखी 163 केन (6520 लीटर ) मिथाइल एल्कोहल (रेक्टीफाइट स्प्रिट) बरामद किया है। इस मिथाइल अल्कोहल की अनुमानित कीमत दो करोड़ रुपये बताई जा रही है। एएसपी संजय कुमार ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बिहार जिला छपरा के थाना मधौरा के तकीना निवासी सुभाष पुत्र बिंदा व पप्पू पुत्र रामेश्वर को गिरफ्तार किया है। बताया कि मिथाइल अल्कोहल का यह जखीरा गाजियाबाद से गोरखपुर के लिए लोड हुआ था। पकड़े गए दोनों लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसी के आधार पर इस गिरोह के सरगना को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जाएंगे। एएसपी ने कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को बीस हजार रुपये का इनाम देने की बात कही है।
पहले भी पकड़ा गया था एक करोड़ का मिथाइल एल्कोहल
मिथाइल अल्कोहल पकड़े जाने की यह घटना पहली नहीं है। इससे पहले भी जिले में मिथाइल अल्कोहल पकड़ा जा चुका है। दिसंबर माह में थाना पिलुआ पुलिस ने एक डीसीएम से मिथाइल अल्कोहल पकड़ा था, जिसकी कीमत पुलिस ने एक करोड़ रुपये बताई थी। लगातार पुलिस की कार्रवाई के बाद भी तस्कर नए नए तरीके से मिथाइल अल्कोहल की तस्करी कर रहे हैं।
विज्ञापन

गहरी है तस्करों की जड़
मिथाइल अल्कोहल की तस्करी करने वाले तस्करों की जड़ बहुत गहरी है। अगर तस्करी से जुड़े हुए लोगों तक पुलिस पहुंचने की कोशिश करे तो इस धंधे पर लगाम लगाई जा सकती है। पुलिस बरामद किए गए ट्रक के आधार पर भी इस धंधे से जुड़े बड़े लोगों तक पहुंच सकती है। वहीं पकड़े गए आरोपियों भी पुलिस को बहुत कुछ बता सकते हैं। अब देखना यह है कि पुलिस तस्करों की जड़ें उखाड़ने का सिर दर्द लेगी या कार्रवाई के बाद शांत हो जाएगी।
वर्जन
पुलिस पूरी तरह से सक्रिय है। इस तरह तस्करी करने वालों पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जा रही है। पकड़े गए दोनों लोगों के माध्यम से सरगनाओं तक पहुंचने का काम किया जा रहा है।
विज्ञापन

आशीष तिवारी, एसएसपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें