अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के तहत सोमवार को दाऊदयाल महिला महाविद्यालय में नारी सशक्तिकरण विषय पर काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छात्राओं ने कविताओं के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या और दहेज के लिए महिलाओं पर होने वाले उत्पीड़न पर भावुक कविताएं पढ़ी।
कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डा. विनीता गुप्ता ने दीप जलाकर की। संचालन हिंदी विभाग की अध्यक्ष डा. अंजू गोयल ने किया। दौरान डा. विनीता यादव, डा. प्रेमलता, डा. छाया वाजपेयी, डा. निधि गुप्ता, डा. गरिमा सिंह, डा. नम्रता निश्चल, डा. संध्या चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहीं।
अपराजिता कार्यक्रम के अंतर्गत नारी सशक्तिकरण एवं सम्मान की शपथ छात्राओं को दिलाई गई। डा. माधवी सिंह ने छात्राओं को शपथ दिलाई। दो सौ से अधिक छात्राओं ने शपथ पत्र भरे।
शिक्षिका डा. निधि गुप्ता ने पढ़ा कि ऐ मेरी देश की नारी। तू क्यूं है इतनी बेचारी। तू है दुर्गा, तू है काली। तू खुद को न पहचान पाती, सारा जीवन यूं ही बिताती। शिक्षिका डा. अंजु गोयल ने पढ़ा कि नारी न कभी हारी है न हारेगी। वह तो अपराजिता है। सकल जगत की वह आधारशिला है।
अमर उजाला के नारी सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही अपराजिता पहल बहुत सराहनीय है। जिसकी कभी हार न हुई हो, वो अपराजिता है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं। हमें किसी न किसी क्षेत्र में बिना हिम्मत हारे आगे बढ़ना होगा।