कासगंज। प्रथम अपर जिला सत्र न्यायालय/ विशेष न्यायालय कृपाशंकर शर्मा के न्यायालय ने सिढ़पुरा क्षेत्र के एक गांव में आठ वर्षीय दलित बालिका से दुष्कर्म के आरोपी को दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विगत सात अप्रेल 2016 को बालिका गांव में ही समोसे खरीदने गई थी। समोसे लेकर लौटते समय गांव का ही युवक मुकेश मिश्रा बालिका को अगवा करके ले गया। इसके बाद उसने बालिका के साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान बालिका बेहोश हो गई। बालिका के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश की। इस पर बालिका गांव के बाहर लहूलुहान हालत में पड़ी मिली। परिजन उसे घर ले आए और होश में आने पर बालिका ने घटना कीजानकारी दी। इस पर परिजनों ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, पास्को एक्ट, हरिजन एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज करा दिया। विवेचक ने आरोपी के खिलाफ जांच के बाद न्यायालय चार्जशीट दाखिल की। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार यादव ने अभियोजन पक्ष की ओर से जिरह की और गवाह पेश किए। न्यायालय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य एवं गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया। न्यायालय ने दोषी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई और साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि से 30 हजार रुपये पीड़िता को देने के निर्देश दिए गए हैं।