फिरोजाबाद। पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली की मांग करते हुए कर्मचारी और शिक्षक तीन दिन के आंदोलन पर हैं। गुरुवार को दूसरे दिन भी ब्लाकों से लेकर जिला मुख्यालय तक कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। शिक्षक भी पढ़ाने का काम छोड़कर आंदोलन में शामिल हुए। कर्मचारियों ने नारा दिया अभी नहीं तो कभी नहीं।
कर्मचारियों ने कहा कि आर्थिक समस्याओं का रोना रोने वाली सरकार सांसद और विधायकों के वेतन भत्तों में कटौती क्यों नहीं कर रही। चेतावनी दी कि अगर पुरानी पेंशन बहाल नहीं की तो वर्तमान सरकार को 2019 में कानून बनाने लायक नहीं छोडे़ंगे। धरना स्थल पर सभा का संचालन अवधेश कौशिक और अध्यक्षता शौर्य देव मणि यादव ने की।
इस दौरान लटूरी सिंह, नगेश यादव, आलोक चौहान, विजय यादव, मुस्ददक हुसैन, प्रदीप पांडे, राजीव कुमार, नरेंद्र शर्मा, प्रेम प्रकाश कुशवाह, मनोज पालीवाल, मुलायम सिंह मौजूद रहे। पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, चालक संघ, लेखपाल और अमीन संघ सहित कई विभागों के कर्मचारी शामिल रहे। सदर ब्लाक में कर्मचारियों ने नारेबाजी की। डा. ध्रुव कुमार आचार्य, डा. चेतन बिहारी सक्सेना, जितेंद्र सिंह यादव, एडीओ पंचायत रामवीर सिंह मौजूद रहे।
धरना-प्रदर्शन के दौरान विकास भवन और बीएसए कार्यालय में तैनात कई बाबू अपने पटलों पर बैठकर जरूरी कामकाज निपटाते दिखाई दिए। कर्मचारी नेता और महिला कर्मचारी बाबुओं पर नाराज हो गईं। कई महिला कर्मचारी टोली बना हाथ में चूड़ी लेकर कार्यालय में बैठे बाबुओं के पास पहुंची और उन्हें चूड़ी थमाई। सांसदों और विधायकों की सुख-सुविधा के लिए सरकारी खजाने के ताले खुले हैं।