फिरोजाबाद। योगी सरकार ने नगर निगम को जोर का झटका दिया है। राज्य वित्त आयोग के तहत मिलने वाली ग्रांट में 50 लाख की कटौती कर दी है। इससे पूर्व निगम की ग्रांट में एक करोड़ की कटौती हो चुकी है।
फिरोजाबाद को नगर निगम का दर्जा मिले चार साल हो चुके हैं। सालों के बाद निगम का दर्जा मिलने पर यहां विकास कार्य कराने को अधिक बजट मिलने की उम्मीद थी। नगर निगम में पहले बोर्ड का गठन हो चुका है। महापौर नूतन राठौर एवं 70 पार्षद बोर्ड में पहुंचे है। पार्षद अपने क्षेत्रों में विकास कराने को लगातार प्रस्ताव दे रहे हैं, लेकिन नगर निगम प्रशासन बजट का रोना रो रहा है।
इसका प्रमुख कारण है कि शासन ने राज्य वित्त आयोग के तहत नगर निगम को पूर्व में करीब सात करोड़ 40 लाख रुपये ग्रांट जारी की थी। कुछ माह पूर्व शासन ने करीब एक करोड़ की कटौती की थी। इसके चलते राज्य वित्त से होने वाले विकास कार्यों का भुगतान अटक गया है। नगर निगम प्रशासन संभल भी नहीं पाया कि शासन ने लगातार दूसरा झटका देते हुए राज्य वित्त की ग्रांट में 50 लाख की कटौती दी। बजट समस्या दूर करने के लिए महापौर नूतन राठौर ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर ग्रांट बढ़ाने की मांग की थी।