मैनपुरी। मैनुपरी पेयजल पुनर्गठन योजना पालिका की लापरवाही से लटकी है। 17.83 करोड़ की लागत की योजना के लिए पहली किस्त के रूप में शासन ने 2.92 करोड़ रुपया स्वीकृत कर दिया है। जल निगम के पास धन तो है लेकिन पालिका का सहयोग नहीं मिलने से योजना के तहत काम ही शुरू नहीं हो पा रहा है।
गर्मी आने वाली है। गर्मी में पानी की किल्लत से शहर का बड़ा इलाका हर साल जूझता है। चिह्नित इलाके के लोगों को राहत देने के लिए अमृत योजना के तहत मैनपुरी पेयजल पुर्नगठन योजना बनाई गई। शासन ने योजना के लिए 17.83 करोड़ रुपया स्वीकृत भी किया। जल निगम को योजना के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जल निगम ने पहल की लेकिन पालिका ने पहल ही नहीं की। पालिका ने जगह चिह्नित करके जल निगम को नहीं दी जिससे योजना अधर में लटकी हुई है। काम शुरू नहीं होने से बड़े इलाके के लोग योजना के लाभ से वंचित हैं।
गर्मी शुरू होने से पहले काम शुरू करने के लिए जल निगम ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका सहित डीएम को भी पत्र लिखा है। नगर पालिका से चिह्नित इलाकों में स्थान तय करके योजना शुरू कराने को कहा है।