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श्रीनाथ कांपलेक्स पर चला कोर्ट का डंडा, कराया गया खाली

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आगरा। मदिया कटरा स्थित श्रीनाथ कांपलेक्स में हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त करने संबंधित हाईकोर्ट के आदेश के बाद विकास प्राधिकरण हरकत में आ गया है। बुधवार को प्राधिकरण टीम ने कांपलेक्स पर दुकानों और फ्लैट्स को खाली कराने की कवायद शुरू कर दी।
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विरोधी स्वर दबाने के लिए पुलिस बल और मजिस्ट्रेट के साथ पहुंचे अफसरों ने दुकानों को खाली कराने के साथ-साथ कुछ निर्माण को ध्वस्त भी किया। अधिकारियों को कहना है कि दुकानें खाली होने बाद उन्हें गिराया जाएगा।

गौरतलब है कि मदिया कटरा पर बने श्रीनाथ कांपलेक्स को 2002 में कंपाउंड किया गया था। इसमें अशमनीय भाग को तोड़ा जाना था, लेकिन बिल्डर ने एडीए अफसरों की मिलीभगत से उस भाग को नहीं तोड़ा। यही नहीं पार्किंग एरिया में अवैध दुकानों का निर्माण कर लिया।
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इस मामले में कांपलेक्स निवासी अभिनव प्रसाद ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल कर दी। हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने और दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। इस मामले में प्राधिकरण को 21 दिसंबर तक कार्रवाई कर हाईकोर्ट में जवाब भी दाखिल करना है।

इसके मद्देनजर बुधवार सुबह एसडीएम मुख्यालय अजीत कुमार, एडीए सचिव हरीराम, ओएसडी योगेंद्र कुमार, सीओ लोहामंडी, पीएसी और कई थानों के फोर्स के साथ पहुंच गए। उन्होंने दुकानदारों को दुकानें खाली करने का फरमान सुना दिया। इससे वहां हड़कंप मच गया।

दुकानदारों ने विरोध की कोशिश की, लेकिन पुलिस और पीएसी के सामने उनकी एक न चली। विकास प्राधिकरण ने बुलडोजर लगाकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस पर हंगामा बढ़ गया। बाद में दुकानदारों को सामान हटाने का समय दे दिया गया।

एडीए अफसरों के मुताबिक बेसमेंट की 11 दुकानों को खाली कराया जा रहा है। तीन दुकानें खाली हो चुकी हैं। शेष खाली हो रही हैं। ग्राउंड फ्लोर पर अशमनीय क्षेत्र में नौ दुकानें और सात फ्लैट खाली कराए जाने हैं, इन्हें खाली कराकर तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी।

एक्सपर्ट की ली जाएगी मदद

श्रीनाथ कांपलेक्स के अशमनीय भाग तोड़ना मुश्किल होगा। दरअसल इस पर बुलडोजर चलाते हैं, कालम टूटने का डर है। कालम टूटा तो बिल्डिंग का बड़ा हिस्सा धराशाई हो सकता है। इसकी वजह से अधिकारी परेशान हैं। उनका कहना है कि इसे तोड़ने के लिए एक्सपर्ट की मदद ली जाएगी ताकि अशमनीय भाग भी टूट जाए और बिल्डिंग को भी खतरा नहीं हो।
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