मथुरा। चौराहों पर करीब 44 लाख की लागत से लगे यातायात सिग्नल कबाड़ हो चुके हैं। इन्हें करीब सात साल पहले यातायात नियंत्रित करने के उद्देश्य से विकास प्राधिकरण द्वारा लगाया गया था। यातायात पुलिस पर इनकी मरम्मत के लिए धन अभाव के चलते इसे निजी एजेंसी को सौंपा गया, लेकिन निजी कंपनी बगैर संचालन के लाखों रुपये कमा गई।
शहर की यातायात को व्यवस्थित करने के लिए चौराहों पर करीब सात वर्ष पूर्व मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा यातायात सिग्नल लगाए गए थे। प्राधिकरण ने यह सिग्नल लगाकर यातायात पुलिस को दे दिए, लेकिन धन अभाव के चलते संचालन नहीं हो सका। इस समस्या से निपटने के लिए प्राधिकरण की पहल पर नगर निगम द्वारा इनका रखरखाव आगरा की निजी एजेंसी को दिया गया।
निजी एजेंसी को सिग्नलों का रखरखाव और संचालन के एवज में चौराहों के आसपास विज्ञापन का अधिकार दिया गया, लेकिन एजेंसी ने कमाई तो भरपूर की, लेकिन सिगभनलों का संचालन नहीं किया। शहर के चौराहों पर आज भी यातायात सिग्नल शो पीस बने हैं। एसपी यातायात डॉ. ब्रजेश कुमार ने बताया कि इस संबंध में संबंधित एजेंसी को कहा जा रहा है कि वह सिग्नलों का संचालन करे।