एटा। गाजियाबाद और गुरुग्राम में नामचीन विद्यालयों में हुई घटनाओं के बाद जिले में भी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कवायद शुरू हो गई है। मंगलवार को एसएसपी ने विद्यालयों के प्रबंधक और प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिये।
एसएसपी अखिलेश कुमार चौरसिया ने कहा कि विद्यालय में तैनात होने वाले सुरक्षाकर्मी, चालक आदि कर्मचारियों का पूरी तरह से सत्यापन किया जाना चाहिए। हर विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के साथ ही विद्यालय के वाहनों का हर मानक पूरा होना चाहिए। वाहनों में विद्यार्थियों की ओवरलोडिंग नहीं होनी चाहिए। अग्निशमन उपकरण के अलावा दमकल की गाड़ी पहुंचने के लिए समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। एसएसपी ने कहा कि स्कूलों के नजदीक घूमने वाले संदिग्ध लोगाें पर कड़ी नजर रखें। संदिग्धता प्रतीत होने पर यूपी 100 डायल और 1090 पर सूचित करें। बाइक से आने जाने वाले छात्र हेलमेट पहनकर बाइक चलाएं ताकि कोई अप्रिय घटना ना हो।
- ब्लू व्हेल गेम को लेकर अभिभावकों को जागरुक करेंगे शिक्षक :
एसएसपी ने प्रधानाचार्य और प्रबंधको को विद्यालय में पंजीकृत बच्चों के परिजनों को बुलाकर जागरुक करने के निर्देश दिये। शिक्षक अभिभावकों को ब्लू व्हेल गेम के प्रति जागरुक करें ताकि बच्चा ब्लू व्हेल के चक्कर में किसी हादसे का शिकार न हो।
अलीगंज। अकबरपुर कोट गांव के प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन में पढ़ाई कर रहे नौनिहालों की जिंदगी दांव पर है। 1945 में निर्मित भवन को शिकायतों के बाद भी नहीं बदलवाया जा रहा।
गांव निवासी महावीर सिंह, अतर सिंह चंद्रपाल, शेर सिंह ने बताया कि आजादी से पूर्व ग्रामीणों ने इसे धर्मशाला के रूप में बनवाया था। दो वर्ष बाद 1947 में इसमें स्कूल लगने लगा। जर्जर गिरासू भवन को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। बरसात के दिनों में परिसर में भरने वाले पानी के चलते बच्चे स्कूल नहीं आ पाते। सौ से अधिक बच्चों वाले स्कूल को लेकर शासन प्रशासन गंभीर नहीं है। बिना दरवाजे वाले स्कूल परिसर में एक खुला गहरा कुंआ भी है। जो हादसों को आमंत्रण दे रहा है। प्रधानाध्यापक यशवीर सिंह यादव ने बताया कि जर्जर भवन की सूचना कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से बीआरसी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।