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विधानसभा में दलित उत्पीड़न का उठा मुद्दा

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यूपी विधानसभा
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किशनी (मैनपुरी)। मैनपुरी में हुए दलित उत्पीड़न का मुद्दा मंगलवार को विधानसभा में किशनी विधायक ने उठाया। उन्होंने बेवर व कुरावली में दलितों के साथ हुई घटनाओं पर कोई सख्त कार्रवाई ना होने पर सरकार को दलित विरोधी बताया। साथ ही बजट में समान पक्षी विहार के लिए मुआवजा राशि स्वीकृत ना होने का मुद्दा भी उठाया।
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मंगलवार को किशनी से सपा विधायक ब्रजेश कठेरिया ने विधानसभा अध्यक्ष ह्रदयनारायण दीक्षित के सामने जिले की कई समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि मैनपुरी के बेवर थाने के दौलतपुर गांव में एक ठाकुर का अभिवादन ना करने पर दबंगों ने उसकी झोंपड़ी में आग लगा दी। कुरावली के बसुरा सुल्तानपुर में दलित के जानवर उच्च जाति के खेतों में जाने पर उसकी बेदर्दी से पिटाई की गई। मैनपुरी में स्वास्थ्य विभाग के दबंग सीएमएस ने दलित कर्मचारी को अपने सामने आरोपी से थप्पड़ लगवाए। इन सब मामलों में कार्रवाई के लिए उन्हें खुद धरने तक पर बैठना पड़ा। इस सरकार में दलित कतई सुरक्षित नहीं हैं। वर्तमान बीजेपी की सरकार दलित विरोधी है।

किशनी के समान पक्षी विहार में सपा सरकार में बजट में किसानों के लिए 240 करोड़ की रकम को स्वीकृत किया था। जबकि इस सरकार में समान पक्षी विहार के लिए एक रुपया भी स्वीकृत नहीं किया। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किशनी के पास हरीसिंहपुर में हरियाली प्रोजेक्ट के तहत हजारों पेड़ लगवाए थे, उन पेड़ों को वर्तमान बीजेपी सरकार में कर्मचारी विरोधी भावना के तहत जला रहे हैं। मैनपुरी में नहरों में सिल्ट नहीं निकाली जा रही है। इससे फसलों में सिंचाई ना होने से किसान बेहद परेशान हैं। सपा सरकार की योजनाओं के लिए बजट जारी नहीं किया गया है। वर्तमान यूपी की बीजेपी सरकार पूर्ण रूप से दलित विरोधी है।
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