फिरोजाबाद। थाना उत्तर के टापाखुर्द स्थित प्राइमरी स्कूल की कक्षा तीन की छात्रा की करंट से मौत के मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर गुस्साई महिलाओं ने जिला अस्पताल परिसर में खड़ी डीएम की गाड़ी को घेर लिया और उसके आगी बैठ गईं। हालांकि गाड़ी में डीएम नेहा शर्मा मौजूद नहीं थी। डेढ़ घंटे तक वह गाड़ी को घेरे रहीं। छात्रा के पिता की तहरीर पर स्कूल के छह शिक्षकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
टापाखुर्द के प्राइमरी स्कूल की छात्रा सुहाना (नौ वर्ष) पुत्री गौरव गोस्वामी की गुरुवार को स्कूल से बाहर लघुशंका के लिए जाने के कारण करंट लगने से मौत हो गई थी। छात्रा के परिवार की महिलाओं का आरोप था कि गुरुवार दोपहर से लगातार तहरीर दी जा रही है, लेकिन पुलिस रिपेर्ट दर्ज करने से कतरा रही है। पुलिस शिक्षकों को बचाने में जुटी है।
महिलाओं को जब पता चला पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की, तो जिला अस्पताल परिसर में खड़ी डीएम की गाड़ी को घेर लिया। गाड़ी में डीएम मौजूद नहीं थी, स्टाफ किसी कार्य से गाड़ी लेकर अस्पताल आया था। सुहाना की मां गायत्री देवी और उसके परिवार की महिलाएं गाड़ी के आगे धरना देकर बैठ गईं। उनका आरोप था कि पुलिस न्याय नहीं कर रही है।
सीएमएस डॉ. आरके पांडेय, डॉ. आलोक कुमार, एसएचओ उत्तर रवींद्र दुबे ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह मानने को ही तैयार नहीं थे। बाद में महिलाओं को रिपोर्ट दर्ज करने व छात्रा का शव शीघ्र दिलाने का भरोसा दिया, तब जाकर वह मानीं। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद छात्रा का शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन शव को पैतृक गांव मैनपुरी थाना बरनाहाल के गांव सोथरा ले गए हैं।
सुहाना के पिता गौरव गोस्वामी की तहरीर पर प्राथमिक स्कूल टापाखुर्द में तैनात छह शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। तहरीर में गौरव गोस्वामी ने कहा है कि मेरी बेटी सुहाना प्राथमिक पाठशाला टापा खुर्द में कक्षा तीन में पढ़ती थी। गुरुवार दोपहर करीब दो बजे वह स्कूल के शौचालय में गई थी। शिक्षकों ने शौचालय में जाने से रोक दिया।
इसलिए वह स्कूल से बाहर जाने को विवश हो गई। इसी दौरान रास्ते में पड़े बिजली के तार में उलझने से मेरी बेटी की मौत हो गई। उन्होंने प्रधानाचार्य अमिता सिंह चौहान, कोमल सक्सेना, कविता रानी, मंजू यादव, अनीता और अमित मिश्रा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
जिला अस्पताल में डीएम नेहा शर्मा की गाड़ी का छात्रा सुहाना के परिजनों द्वारा घेराव की जानकारी हुई, तो एसडीएम सदर देवेंद्र सिंह पहुंच गए, लेकिन तब तक परिजन गाड़ी के पास से हट गए थे। एसडीएम ने परिजनों से कहा कि प्रशासन ने प्रधानाध्यापिका पर कार्रवाई की है। बिजली विभाग से पीड़ित परिवार के लिए दो लाख की सहायताराशि मंजूर करा दी है। पीड़ित परिजनों ने एसडीएम के समक्ष गाड़ी का घेराव पर गलती मानी।
सुहाना की मां गायत्री सभी के सामने झोली फैला रही थी। 24 घंटे हो गए, मेरी बेटी मेरे पास नहीं है। मैं डीएम की गाड़ी रोकने को मजबूर हूं, क्योंकि मेरे साथ पुलिस ने न्याय नहीं किया। कई बार पुलिस ने तहरीर फाड़ी, रिपोर्ट दर्ज नहीं की। मैं तो चाहती हूं कि प्रशासन शिक्षकों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करें, ताकि किसी और बेटी की साथ ऐसी घटना न हो।