बरसाना (मथुरा)। राजस्थान के कामां तहसील के गांव पाछौल में स्थित प्राचीन लीला स्थली कदंबखंडी में रविवार को चीरहरण लीला का आयोजन किया गया। हजारों भक्तों ने लीला का आनंद लिया। मान्यता है कि आज से हजारों वर्ष पहले यहां यमुना नदी बहा करती थी।
एक दिन जब ब्रज की गोपिकाएं यमुना में निर्वस्त्र स्नान कर रही थीं, तो माखन चोर श्रीकृष्ण ने उनके वस्त्रों को चुरा कर कदंब के वृक्ष पर लटका दिया और स्वयं पेड़ पर बैठ गए। गोपियां स्नान कर यमुना से बाहर आईं और अपने वस्त्रों को न पा कर दुखी हो गईं।
उन्होंने मुरली मनोहर को कदंब के वृक्ष पर बैठा देख, उनसे प्रार्थना की कि हे कृष्ण हमारे वस्त्र वापस कर दो। तब श्रीकृष्ण ने उनसे वचन लिया कि आज के बाद वे कभी निर्वस्त्र स्नान नहीं करेंगी। चीरहरण लीला का मंचन उसी जगह किया गया, जहां कभी यमुना बहा करती थी। श्रीकृष्ण की इस अनोखी लीला के दर्शनों के लिए हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।