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कर्ज के चलते किसान ने फांसी लगा कर जान दी

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डैमो
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मैनपुरी। पिता की बीमारी के चलते कर्जदार हुए एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवा किसान के ऊपर बैंक और साहूकारों का करीब साढ़े पांच लाख रुपये कर्ज था। खेत बंधक होने से किसान पिता की मौत के सालों बाद भी अपना कर्ज नहीं उतार पा रहा था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
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थाना कुर्रा क्षेत्र के गांव तिकोना निवासी किसान होतीलाल बीमारी की चपेट में आ गए। परिजनों के अनुसार 24 वर्षीय पुत्र अतुल कुमार पिता के इलाज के लिए इधर-उधर से कर्ज लेकर उपचार करा रहा था। बावजूद इसके पिता की तबियत ठीक होने के बजाय लगातार बिगड़ती गई। घर मेें आर्थिक तंगी के चलते सहकारी बैंक और आर्यावर्त बैंक से करीब 3.60 लाख का कर्ज हो गया था। करीब दो लाख रुपये का कर्ज साहूकारों का हो गया। लाखों का कर्ज लेने के बाद भी पिता की जान नहीं बच सकी।

पिता की मौत के कुछ समय बाद ही साहूकार कर्ज वापसी के लिए आए दिन घर पर आकर पैसे मांगने लगे। खेती में भी इतनी आमदनी नहीं थी कि वह कर्ज चुका सके। परेेशान होकर अतुल कुमार ने शुक्रवार की शाम गांव के बाहर लगे जामुन के पेड़ पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि परिजन दोपहर से अतुल को ढूंढ रहे थे।
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शाम को किसी ग्रामीण ने उसके खुदकुशी करने की सूचना दी तो परिजन और अन्य ग्रामीण दौड़ पड़े। किसान द्वारा आत्महत्या की जानकारी मिलते ही घर में कोहराम मच गया। देर शाम सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।

चार बहनों के बीच था इकलौता भाई
किसान अतुल कुमार चार बहनों के बीच इकलौता भाई था। तीन बहनों की शादी हो चुकी है। एक बहन की अभी शादी होनी है। परिजनों के अनुसार बहन की शादी करने की चिंता से भी वह परेशान रहता था। मृतक अपने पीछे पत्नी और चार माह का बेटा छोड़ गया है। पिता की मौत पांच वर्ष पूर्व हो गई थी।
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साहूकार जोत रहे थे जमीन
परिजनों के अनुसार अतुल कुमार पर आठ बीघा जमीन थी। इसी जमीन को बंधक रखकर उसने बैंक से कर्ज लिया था। वहीं जमीन साहूकार जोते हुए थे।
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