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सुबह आंधी फिर बारिश, किसानों की आफत

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बारिश - फोटो : SELF
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एटा/कासगंज।
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रिमझिम बरसात ने किसानों की धड़कन बढ़ा दी है। किसानों को डर सताने लगा है कि कहीं मौसम का मिजाज बदला तो उनकी वर्ष भर की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। किसान दिन रात एक कर गेहूं की फसल को समेटने में जुटे हुए हैं। कासगंज में भी बूंदाबांदी हुई।
सोमवार सुबह अचानक काले काले बादल छा गए। जब तक किसान आम आदमी कुछ समझ पाता। इससे पहले रिमझिम बरसात शुरू हो गई। गनीमत रही कि रिमझिम सिर्फ शहर में हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ काले काले बादल छाकर रह गए। मौसम के लगातार बदल रहे मिजाज को देखते हुए किसान परेशान है। उसे डर सताने लगा है कि कहीं उसकी मेहनत पर पानी न फिर जाए। बताते चले कि जिले में 1.46 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की फसल है। जो पक चुकी है। किसान दिन रात एक कर गेहूं की फसल को काटकर घर पहुंचाने में जुटा हुआ है।
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जैथरा के गांव तेली बसोरा निवासी कंचन जाटव और नगला कंचन निवासी विजय प्रताप सिंह का कहना है कि जब किसान की फसल पककर तैयार हो जाती है। तभी बिन मौसम बरसात होती है, जिससे किसानों को खासा नुकसान झेलना पड़ता है। गत वर्ष भी ओलावृष्टि से किसानों को खासा नुकसान हुआ था।

आगरा, मथुरा में हो चुकी है ओलावृष्टि
जिस तरह से पिछले दिनों आगरा और मथुरा में झमाझम बरसात के साथ ओलावृष्टि हुई है। उससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीर खींच दी है। किसान मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए फसल को जल्द से जल्द घर पहुंचाने में जुटा हुआ है।
कासगंज में सोमवार को फिर से तेज हवाएं चलीं और बूंदाबांदी हुई तो किसान की धड़कनें तेज हो गईं। किसान गेहूं की फसल की कटाई में जुटे हैं। किसान पप्पू सिंह का कहना है कि यदि बारिश हो गई तो गेहूं की फसल भीग जाएगी। जिससे कटाई का काम प्रभावित होगा। करीब एक पखवाड़ा बाद ही कटाई हो सकेगी। किसान कटाई व थ्रेसिंग कर गेहूं को शीघ्र घरों तक पहुंचाने में लगे हुए हैं।
11 तक ओलावृष्टि की आशंका, शासन सतर्क
कासगंज। उत्तर प्रदेश शासन के उप सचिव श्याम मोहन तिवारी ने कहा है कि मौसम विभाग ने प्रदेश में 10 और 11 अप्रैल को आंधी, तूफान, ओलावृष्टि होने की आशंका जताई है। जिसको लेकर प्रशासन अलर्ट है। मौसम के पूर्वानुमान की आशंका को देखते हुए उपसचिव ने दैवी आपदा घटित होने पर प्रभावित परिवारों, व्यक्तियों को राहत देने एवं फसलों की क्षति का आकलन कर आख्या शासन को देने के निर्देश डीएम को दिए हैं।
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ओले और वर्षा ने तोड़ी किसानों की कमर
जलेसर। अचानक हुई बरसात और ओलों की फुहार ने गेहूं उत्पादक किसानों को परेशान कर दिया है। सुबह अचानक तेज आंधी और बरसात ने आम आदमी को घरों मे कैद होने के लिए मजबूर कर दिया। बरसात के साथ ही ओलों की फुहार आई। जिससे किसानों को चिंता सताने लगी है। भाकियू भानू युवा इकाई के जिलाध्यक्ष सतेंद्र ठाकुर ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात से हुये नुकसान की जांच कर किसानों की भरपाई कराई जाए।
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