मथुरा। सराफ डबल मर्डर और चार करोड़ की डकैती को अंजाम देकर शहर में दहशत फैलाने वाले राकेश उर्फ रंगा ने अपने तीनों भाइयों के साथ मिलकर जेल में भी गैंग बना डाला। यह गैंग जेल में दबंगई करने लगा। जेल का माहौल खराब होने से पहले कारागार प्रशासन ने चार भाइयों को अलीगढ़ और आगरा की जेलों में ट्रांसफर कर दिया है। 15 मई को कोयला गली में विकास अग्रवाल और मेघ अग्र्रवाल की गोली मारकर हत्या करके चार करोड़ का सोना और नकदी लूट ली थी। 20 मई को कोतवाली पुलिस ने छह बदमाशों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था। पांच महीने से जेल में बंद राकेश उर्फ रंगा ने अपने भाइयों के साथ गैंग बना डाला। यह गैंग आए दिन जेल में दबंगई दिखाकर बंदियों को परेशान कर रहा था। इसकी भनक जेल प्रशासन को हुई तो चारों भाइयों को अलीगढ़ और आगरा की जेलों में ट्रांसफर कर दिया है। जेल अधीक्षक शैलेंद्र कुमार मैत्रये ने बताया कि राकेश उर्फ रंगा, कामेश उर्फ चीनी को सेंट्रल जेल आगरा, मुकेश उर्फ बिल्ला को जिला जेल आगरा, नीरज चतुर्वेदी जिला जेल अलीगढ़ में शिफ्ट किए गए हैं। यह चारों भाई जेल का माहौल बिगाड़ रहे थे।
मुकेश उर्फ बिल्ला डेढ़ साल से है जेल में
मथुरा। अगस्त 2014 में तोले बाबा का मर्डर करके फरार हुए मुकेश उर्फ बिल्ला कोतवाली पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। पुलिस को गच्चा देकर कोर्ट में सरेंडर करने वाला मुकेश उर्फ बिल्ला तभी से जेल में बंद था। सराफ हत्याकांड के बाद जेल आए भाइयों के साथ गैंग बनाने में शामिल हो गया।