आगरा। भैया दूज को अंतर्राज्यीय बस अड्डे से हर 15 मिनट बाद मुख्य रूटों पर चलने वाली बसें यात्रियों को मिल सकेंगी। 17 से 24 अक्तूबर तक 698 बसों के फेरे बढ़ाए गए थे मगर इसका फायदा दिवाली पर यात्रियों को नहीं मिल सका। वाल्वो, शताब्दी और एसी बसों में उन्हें सीट नहीं मिल सकी। मजबूरन लोगों को साधारण बसों में धक्के खाने पड़े। साधारण बसों के लिए भी यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
आगरा से दिल्ली, गोरखपुर, जयपुर, सोनौली, कानपुर, इटावा, ऋषिकेश, हरिद्वार, टनकपुर आदि रूटों पर आगरा परिक्षेत्र से संचालित 698 बसों के फेरे बढ़ाए गए थे। दावा किया गया था कि एक बस दिन में कम से कम 800 किमी दौड़ेगी। रोडवेज के इस इंतजाम का यात्रियों को लाभ नहीं मिल सका। ज्यादातर यात्रियों को बसों में मुश्किल भरा सफर करना पड़ा। रोडवेज अधिकारियों ने कई रूटों पर अतिरिक्त बसें लगाईं। भैया दूज पर इस कमी को पूरा करने के लिए रोडवेज प्रशासन ने इंतजाम किए हैं।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मोहनलाल ने बताया किआईएसबीटी से हर 15 मिनट बाद बस मिल जाएगी। इसमें मथुरा, वृंदावन के लिए भी विशेष बसें चलेंगी, क्योंकि मथुरा में यमुना स्नान के लिए यम द्वितीया पर खासी भीड़ उमड़ती रही है। इसके मद्देनजर दिल्ली जाने वाली अधिकांश बसों को इसी रूट से गुजारा जाएगा। आगरा से अलीगढ़, हाथरस, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, शिकोहाबाद, सिकंदराराऊ, जलेसर, कासगंज जैसे रूटों के लिए भी पर्याप्त बसें रहेंगी। इन लोकल रूटों पर बसों की कमी नहीं हो, इसका ख्याल रखा जाएगा। एआरएम ने बताया कि दिवाली पर तीन दिनों में आगरा परिक्षेत्र की बसों में पांच लाख से ज्यादा यात्रियों ने रोडवेज बसों में सफर किया।