आगरा। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम में टीबी मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। आयोजित 62 स्वास्थ्य शिविरों में 7,116 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जांच में 1,814 टीबी मरीज मिले हैं। जिन्हें तुरंत उपचार पर रख दिया गया है। अधिक टीबी मरीज खोजने में आगरा प्रदेश में पहला स्थान पाया है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता ने बताया कि 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के पहले माह की समीक्षा में टीबी मरीजों की पहचान के मामले में आगरा ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। इस एक माह के दौरान की गई जांच में नए टीबी मरीज सामने आए हैं। मरीजों की जल्दी पहचान होने से उनका तत्काल इलाज शुरू कर दिया गया है। इससे टीबी का संक्रमण फैलने का खतरा कम होगा और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को और मजबूती मिलेगी। डीटीओ ने बताया कि अभियान के दौरान कुल 13 स्कूलों में टीबी सेंसिटाइजेशन कर 960 छात्र-छात्राओं को टीबी के प्रति जागरूक किया गया है। निक्षय मित्र पहल के अंतर्गत अब तक कुल 62 निक्षय मित्र पंजीकृत हुए हैं। साथ ही टीबी मरीजों को पोषण पोटली भी प्रदान की गई है। उनके परिवार के सदस्यों को टीबी से बचाव के लिए टीपीटी उपलब्ध कराई गई है।
अभियान को सफल बनाने में निभा सकते हैं अहम भूमिका
टीबी मरीजों को पोषण, सामाजिक और भावनात्मक सहयोग देने के लिए निक्षय मित्र बनें। कोई भी व्यक्ति, संस्था, जनप्रतिनिधि या कॉरपोरेट टीबी मरीज को गोद ले सकता है। आप मरीजों को पोषण किट, जांच सहायता या अन्य मदद देकर इस अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। -डॉ. अरुण श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी आगरा