प्रस्तावित जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) के लिए व्यापारियों को अपने पैन कार्ड का ब्योरा वाणिज्य कर विभाग को सौंपना था, लेकिन व्यापारियों के इस रिकार्ड में भी गड़बड़ी सामने आई है। एक ही पैन कार्ड पर 180 कंपनियों को दर्ज कर लिया गया। वाणिज्य कर विभाग ने इन फर्मों को संदिग्ध मानते हुए इनकी जांच शुरू कर दी है।
प्रस्तावित जीएसी के लागू होने से पहले वाणिज्य कर विभाग जीएसटी नंबर के लिए हर पंजीकृत व्यापारी से पैन नंबर ले रहा है। पैन नंबर पर पंजीकृत फर्मों का ब्योरा आयकर विभाग से भी लिया है। ऐसे में गड़बड़ी पकड़ में आई है। रामपुर, देवरिया, आगरा, कानपुर सहित प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 180 फर्म पैन कार्ड नंबर ALTPR7342P पर दर्ज की गई थीं।
वाणिज्य कर एडिशनल कमिश्नर बी राम शास्त्री ने जोनल एडीशनल कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि एक ही पैन कार्ड पर 180 फर्मों का दर्ज होना संदिग्ध स्थिति बता रहा है। सभी फर्मों की जांच की जाए और व्यापारियों से सही पैन कार्ड विवरण लेकर उसे एनएसडीएल की साइट पर अपलोड कर दिया जाए।
6100 नए व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य
सूबे में जनसंख्या और दुकानों की बढ़ोतरी के बाद भी रजिस्टर्ड व्यापारियों की संख्या कम है। वाणिज्य कर विभाग ने इस साल आगरा में 6100 नए व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन कराने का लक्ष्य दिया है। पूरे प्रदेश में कुल 1.50 लाख नए व्यापारी पंजीकृत किए जाएंगे। इनमें सबसे ज्यादा वाराणसी में 13,700, गोरखपुर में 12 हजार, फैजाबाद में 11,200 नए व्यापारी रजिस्टर्ड किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। बीते साल लक्ष्य से 80 से 90 प्रतिशत तक ही नए व्यापारी पंजीकृत किए जा सके थे। वाणिज्य कर एडिशनल कमिश्नर विधि विवेक कुमार ने रजिस्ट्रेशन न कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्रतिकूल कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।