मथुरा। कानूनगो के बेटे की हत्या का खुलासा पुलिस नौ दिन बाद भी नहीं कर सकी है। इससे लोगों में भारी आक्रोश है। गुरुवार को बालाजीपुरम में पंचायत करके एलान किया गया कि 18 मई को कलक्ट्रेट को घेरा जाएगा। पंचायत में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए। कहा गया कि पुलिस अधिकारी भी इस केस को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
कानूनगो के बेटे विश्वजीत की हत्या 8 मई को कर दी गई थी। थाना सदर बाजार क्षेत्र के दामोदरपुरा की खादर में उसका शव मिला था। लेकिन पुलिस अभी तक कुछ कर नहीं पाई है। इससे लोगों में आक्रोश है। गुरुवार को इस मुद्दे पर पंचायत बुलाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग जुटे थे। सभी ने पुलिस की लापरवाही बताई। कहा कि पुलिस को उन लोगों के नाम भी बता दिए गए थे जिन पर शक था लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया है।
मृतक के पिता कानूनगो हरीलाल ने कहा कि पुलिस जानबूझकर काम नहीं कर रही है। अधिकारियों से कई दफा मिल चुके लेकिन वह भी बहानेबाजी कर रहे हैं। यहां लोगों ने एलान किया कि सभी लोग 18 मई को बड़ी संख्या में पहुंचकर कलक्ट्रेट घेरेंगे। जब तक पुलिस दोषियों को पकड़ नहीं लेगी उन लोगों का आंदोलन जारी रहेगा।
पंचायत में रामवीर सिंह भरंगर, नरेंद्र प्रधान, नटवर सिंह चाहर, बच्चू सिंह, सुशील चौधरी, वीरपाल, रामजीत सिंह, सौदान सिंह, सीपी सिंह चाहर, गजेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, रामपाल सिंह भरंगर, अवधेश, राजेंद्र, मुकेश, सुरेश सिंह और लाल सिंह ने एक मत से इस घटना को लेकर पुलिस पर ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए पुलिस को दबाव में बताया है।
घटनाओं के खुलासे में फेल हो रही मथुरा पुलिस
मथुरा। लोगों के बीच आक्रोश यूं ही नहीं पनप रहा है। पुलिस वारदातों के खुलासे में पूरी तरह से फेल साबित हो रही है। 13 मई को कोतवाली क्षेत्र में एक व्यापारी से ढाई लाख का कैश पुलिस वाला बनकर लूट लिया था लेकिन इस वारदात को पुलिस खोल नहीं पाई है। 12 मई को गोतस्कर पुलिस पर पथराव करके भाग गए थे, जिसमें एक सिपाही घायल हो गया था उन गोतस्करों को भी पुलिस पकड़ नहीं पाई। हाईवे थाना क्षेत्र में महिलाओं के साथ स्नेचिंग की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं लेकिन हाईवे पुलिस की नींद नहीं टूट रही। 11 मई को एनएसजी कमांडो के घर के ताले तोड़कर चोर लाखों का माल समेटकर ले गए इस वारदात पर भी पुलिस का कोई ध्यान नहीं गया है। वहीं पिछले पांच महीनों में 10 से भी ज्यादा शव मथुरा में जगह जगह मिले। सभी को हत्या करने के बाद फेंका गया था लेकिन पुुलिस इनमें किसी का भी खुलासा नहीं कर पाई। खुलासा तो दूर की बात है शनाख्त कराने में भी फेल रही है। इतना लंबा समय बीत जाने से साफ लग रहा है कि पुलिस खुलासे के लिए प्रयास ही नहीं कर रही है।