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एक लाख छात्रों का आज से बंद हो सकता है एमडीएम

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मिड-डे मील - फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। परिषदीय स्कूलों में संचालित मिड-डे मील (एमडीएम) आज से बंद हो सकता है। विभाग की ओर से मई में रसोइया मानदेय की स्थिति स्पष्ट न करने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। रसोइयों ने एमडीएम बंद करने का एलान किया है। यदि ऐसा होता है तो जिले के 1,01,932 बच्चों को भोजन नहीं मिल सकेगा। रसोइयों की चेतावनी के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है।
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परिषदीय स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए मध्याह्न भोजन योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत प्रत्येक छात्र के लिए प्रतिदिन मध्याह्न भोजन की व्यवस्था विद्यालय में ही की जाती है। भोजन तैयार करने का कार्य विद्यालय में मानदेय पर रखी गई रसोइया करती हैं, लेकिन वर्ष 2018 से रसोइयों का मई के महीने में मानदेय न देने का निर्णय विभाग ने लिया है। अब रसोइयों ने भी बिना मानदेय के मई में भोजन न बनाने का निर्णय लिया है। सोमवार की देर रात तक विभाग के उच्चाधिकारी इस संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दे सके।

वर्ष 2017 तक रसोइयों को मई का मानदेय भुगतान किया जाता था, लेकिन वर्ष 2018 में निदेशक माध्याह्न भोजन ने पत्र जारी कर इस पर रोक लगा दी। उन्होंने कहा है कि रसोइयों को केवल 10 माह के मानदेय की ही व्यवस्था है। निदेशक ने पूर्व की वर्षों में मई के मानदेय भुगतान को भी गलत बताते हुए डीसी एमडीएम को निर्देश दिए हैं कि पूर्व में कितनी धनराशि मई के मानदेय के रूप में रसोइयों को भुगतान की गई है उसकी जानकारी दी जाए। विभागीय सूत्रों की मानें तो विभाग इसकी रिकवरी भी करेगा।
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परिषदीय स्कूलों में रसोइयों ने एक मई से भोजन न बनाने की घोषणा की तो प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव यादव ने एक प्रतिनिधि मंडल के साथ प्रभारी बीएसए जेपी पाल से मुलाकात की। प्रभारी बीएसए को ज्ञापन देकर एक मई से रसोइया मानदेय बंद होने की स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान प्रदेश मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह, व्योम शरण सक्सेना, रामसेवक राजपूत, दीपक दीक्षित आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
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