फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सांसत में जान, बेपरवाह हुक्मरान:

विज्ञापन
सांसत में जान, बेपरवाह हुक्मरान: - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
एटा। जान आफत में है और हुक्मरान अनजान हैं। शहर में दो दिन से एक पुलिया लोगों की जान की आफत बन रही है, लेकिन पालिका और प्रशासन के हुक्मरानों को अब तक इसकी सुध नहीं आई है। आलम यह है कि मार्ग से गुजरने वाले स्कूली बच्चों के वाहन समेत तमाम लोग हादसों का शिकार होते-होते बचे हैं, मगर सरकारी मशीनरी अब तक चेती नहीं है।
विज्ञापन

शहर के प्रमुख मार्ग ठंडी सड़क का हाल हर कोई जानता है। गड्ढों और गंदगी अटी सड़क को बनाने का पालिका दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत जीरो है। रविवार को मार्ग पर पुलिया टूट गई। लोगों ने पालिका समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी, लेकिन कोई मार्ग का हाल जानने नहीं पहुंचा। बता दें कि पुलिया के पास प्रमुख पथवारी मंदिर, संतोषी माता मंदिर और काली मंदिर है, जहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इसके साथ ही शहर के प्रमुख रिहायशी इलाके भी इस मार्ग से जुड़े हैं। सोमवार को पूरे दिन मार्ग पर वाहनों की कतारें लगी रहीं। इस दौरान कई स्कूली वाहन हादसे का शिकार होते-होते बचे, लेकिन यहां न तो पालिका की कोई टीम नजर आई और न ही कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी। ऐसे में लोग पालिका और प्रशासन को कोसते हुए नजर आए।
विज्ञापन

कहते हैं लोग
पुलिया टूटने से काफी दिक्कत हो रही है। पूरा मार्ग जाम रहता है। मगर कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
गोविंद मिश्रा
पुलिया टूटने के बाद पालिका की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। दिक्कत हो रही है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है।
चंदू यादव

पुलिया टूटने के बाद यातायात को डायवर्ट किया जा सकता था, लेकिन प्रशासन ने इसके भी इंतजाम नहीं किए।
डा. रामजी लाल
कई बार स्कूली बच्चों से भरे वाहन हादसे का शिकार होते बचे। पालिका को इसे दुरुस्त कराना चाहिए।
ंयोगेश दुबे
वर्जन
जानकारी होने पर मैं खुद मौके पर पहुंची और पुलिस की स्थिति को देेखा। साथ ही पालिका कर्मचारियों को जल्द से जल्द पुलिया को ठीक करने के निर्देश दिए है।
मीरा गांधी, पालिकाध्यक्ष
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें