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बाढ़ की चपेट में आए कई और गांव

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बाढ़ की चपेट में आए कई और गांव - फोटो : अमर उ जाला
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कासगंज।
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पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण बाढ़ के हालात विकराल होते जा रहे हैं। सभी बैराजों पर गंगा के पानी का दबाव बढ़ा हुआ है जिसके कारण लगातार गंगा की बाढ़ का प्रकोप बढ़ रहा है। जिले के छह नए गांव और बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। प्रभावित इलाकों के ग्रामीणों में पानी बढ़ने से खलबली मची हुई है। किसानों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो रहीं हैं।
गंगा का जलस्तर सोमवार को 5 सेंटीमीटर और बढ़ गया। जिससेे गंगा 163.70 के निशान पर जा पहुंची। हरिद्वार से पानी का डिस्चार्ज बढ़ गया और यह डिस्चार्ज का दबाव लगातार बिजनौर बैराज पर पहुंच रहा है। बिजनौर के पास से निकलने वाली नदियों में बैराज से पानी डाला गया है, लेकिन इसके बाद भी जलस्तर का दबाव कम नहीं हो रहा है और यह जलस्तर नरौरा बैराज पर असर कर रहा है। पिछले 48 घंटों से लगातार नरौरा की ओर से 2 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बना हुआ है। यह बढ़ा हुआ डिस्चार्ज बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए तबाही का कारण बनता जा रहा है। बाढ़ के प्रभाव का सामना कर रहे ग्रामीणों को उभरने का मौका नहीं मिल पा रहा।
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उन्हें दो तरफा मार झेलनी पड़ रही है, एक ओर वे बाढ़ की तबाही का सामना कर रहे हैं वहीं लगातार हो रही बारिश भी प्रभावित इलाकों के लिए अभिशाप बन रही है। लोग बाढ़ और बारिश दोनों से परेशान हैं। तमाम कच्चे मकान और झोपडिय़ां बाढ़ में तबाह हो चुकीं हैं। लोग बेघर होकर प्रशासन के द्वारा दिए गए टैंट, तिरपालों में रहने के मजबूर हो गए हैं। पानी बढ़ जाने के कारण कटे हुए संपर्क मार्ग भी दिखाई नहीं दे रहे। सोमवार को बाढ की मोहन नगला, खिदरपुर, नागर, भीकमपुर, चकरा, अजीतनगर की आबादी तक दस्तक पहुंच चुकी है।
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इससे पहले इन गांव के खेत खलियानों तक ही बाढ़ के पानी की दस्तक थी। प्रभावित इलाकों में लोगों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो चुका है। फसलों के चौपट होने से सर्वाधिक परेशानी का सामना ग्रामीणों को करना पड़ रहा है। कई गांव में नाव का सहारा लिया गया है। नाव से आवाजाही की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रभावित इलाकों में दौरा कर रहे हैं। क्षेत्रीय विधायक ममतेश शाक्य, एसडीएम पटियाली और राजस्व टीमों ने नरदौली सहित अन्य इलाकों में भ्रमण कर बाढ़ के हालातों का जायजा लिया। गांव के मंदिरों तक बाढ़ के पानी की दस्तक होने के कारण लोग जन्माष्टमी का पर्व भी नहीं मना सके। पूजा अर्चना की महज औपचारिकताएं की गईं। जन्माष्टमी के मौके पर गंगा में स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
डिस्चार्ज-
नरौरा- 202234 क्यूसेक
बिजनौर- 150153 क्यूसेक
हरिद्वार- 112088 क्यूसेक
कछला गेज- 163.70 मीटर के निशान पर।
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