कासगंज। पुलिस द्वारा बाइक सीज करने के बाद शनिवार को नहर में छलांग लगाने वाले युवक का शव रविवार को बरामद कर लिया गया। शव बरामद होने के बाद परिजनों ने एक बार फिर हंगामा कर दिया। इस दौरान लेागाें ने जाम लगाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने जाम लगाते लोगों केा हिरासत में ले लिया। इसके बाद युवक के परिजन भड़क गए और लोगों ने हंगामा कर दिया। हिरासत में लिए लोगों की रिहाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजन राजी हुए।
अलीगढ़ दादों के गांव नगला भुढ़िया निवासी सर्वेश (18) पुत्र ओमकार की बाइक सोरों पुलिस ने सीज कर दी थी। पुलिस ने पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाने और रुपयों का इंतजाम नहीं होने से परेशान युवक सर्वेश ने हजारा नहर में छलांग लगा दी थी। सूचना पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस द्वारा शव ढूंढवाने में देरी करने पर हंगामा कर दिया था। इसके बाद पीएसी फ्लड यूनिट को युवक का शव ढूंढने के लिए लगाया गया था। हालांकि शनिवार शाम तक युवक का शव बरामद नहीं हो सका था।
पीएसी ने रविवार को फिर से अपना अभियान शुरू कर दिया। पीएसी हेड कांस्टेबल श्योनाथ सिंह, ओम प्रकाश यादव, ऋषिपाल सिंह रामनिवास सिंह, पवन शर्मा, जौनी कुमार अमित यादव ने युवक के शव को रविवार नदरई पुल के निकट से बाहर निकाला। युवक का शव मिलने के बाद एक बार फिर परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। हालांकि कुछ ग्रामीणों ने पुलिस पर कार्रवाई की मांग को लेकर बिलराम गेट चौराहे पर जाम लगा दिया। आक्रोशित लोग पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
इधर, जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जाम लगाने वाले लोगों को हिरासत में लेकर जाम खुलवाया। इधर, घटना की जानकारी पर पोस्टमार्टम घर पर मौजूद लोगों ने पुलिस से पंचनामा भरने की कार्रवाई से इंकार कर दिया औ लोग हिरासत में लिए लोगों की रिहाई की मांग करने लगे। पोस्टमार्टम गृह पर हंगामे की सूचना पर सीओ वीएसवीर कुमार भी पहुंच गए। उन्होंने एएसपी से बातचीत की। इसके बाद हिरासत में लिए लोगों को रिहा किया गया और शव का पोस्टमार्टम कराया गया।