बिजली विभाग लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहा है। व्यस्त इलाकों में खुले में ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। इनके आगे किसी भी प्रकार के सुरक्षा इंतजाम नहीं किए।
जिले में लगे खुले में रखे ट्रांसफार्मर हादसे को दावत दे रहे हैं। ट्रांसफार्मर के आगे किसी प्रकार का सुरक्षा घेरा भी नहीं लगा हुआ है। इनमें लगी केबलों की स्थिति भी काफी खराब है। ट्रांसफार्मरों में लगे क्लैंप आदि टूट चुके हैं। ट्रांसफार्मरों में फेस बांधने की जो प्रक्रिया अपनाई जाती है उसमें भी लापरवाही बरती जाती है। बस स्टैंड के निकट रखे ट्रांसफार्मर में फेस खुले में रखी एक पटिया से बांधकर रखे गए हैं। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। तहसील रोड पर एक साथ दो ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। यहां पर छात्राओं का कॉलेज है। बाल्मीकी बस्ती, सूत की मंडी, मनौटा गली, नदरई गेट पुलिस चौकी, बारहद्वारी, नावल्टी रोड सहित तमाम स्थानों पर रखे ट्रांसफार्मरों की स्थिति काफी खराब है। इनसे कभी भी हादसे हो सकते हैं। खुले में रखे ट्रांसफार्मरों की वजह से तीन साल पूर्व नावल्टी रोड के ट्रांसफार्मर से चिपककर कई पशु मर गए थे।
उपभोक्ता भुगतते हैं खामियाजा
कासगंज फेस सहीं ढंग से न बंधे होने पर अक्सर फेस ब्रेक होने की समस्या होती है। ट्रांसफार्मरों में समय से तेल न डालने से भी आग लगने की घटनाएं हो जातीं हैं। जब तेल कम रह जाता है तो वह खौलकर बाहर आकर खुले में पड़ी केबलों पर गिरता है और आग लग जाती है। जो कई बार बड़ी आग का रूप ले लेती है।
- तहसील रोड पर रखे ट्रांसफार्मर की क्लैंप टूटी हुई है। क्षेत्र में अक्सर फेस ब्रेक होते हैं। कभी कम तो कभी अधिक वोल्टेज आने से उपकरणों के खराब होने का खतरा रहता है। राजीव वार्ष्णेय, निवासी गली बोहरान
- ट्रांसफार्मर के आगे बैरीकेडिंग न होने से कभी भी हादसा हो सकता है। कई बार विभाग से शिकायत की जा चुकी है। केबिलें जमीन पर पड़ी रहतीं हैं- रमेश कुमार, निवासी खेरिया गली
जिन स्थानों पर भी ट्रांसफार्मरों के आगे बैरीकेडिंग नहीं है या अन्य कोई दिक्कत है उसे जल्द ही दूर किया जाएगा। बैरीकेडिंग भी लगवाई जाएंगी। आफताब आलम, एसडीओ