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खटारा बसों से ले जाए जा रहे स्कूली बच्चे

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स्कूल - फोटो : डैमो
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मथुरा। स्कूली बच्चों को खटारा वाहनों से ढोया जा रहा है। यह बसें कभी भी हादसे का शिकार हो सकती हैं। इसकी निगरानी करने वाले एआरटीओ कार्यालय की ओर से भी इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया गया। ऐेसे 253 वाहनों के स्वामियों को नोटिस दिए गए हैं।
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एआरटीओ कार्यालय की ओर से कभी भी विद्यालय पहुंचकर छात्रों को ढोने वाले वाहनों की फिटनेस की जांच नहीं कराई गई। इसके चलते करीब 250 वाहन ऐसे हैं जो कि करीब चार साल से एआरटीओ कार्यालय पहुंचे ही नहीं हैं। जबकि नियम के मुताबिक हर साल इन वाहनों की फिटनेस की जांच होनी चाहिए। वहीं फिटनेस के फरमान से 36 वाहन एआरटीओ कार्यालय पहुंचे।

इनमेें से मात्र 12 की फिटनेस सही पाई गई। 24 की फिटनेस सही नहीं मिली। ऐसे वाहन जिनकी फिटनेस ठीक नहीं उनकी रिपोर्ट एआरटीओ बबिता वर्मा ने डीएम, एसएसपी को भेज दी गई है। एआरटीओ बबिता वर्मा ने बताया कि जिन वाहनों की फिटनेस सही नहीं है उनको दो दिन का समय दिया गया है। उसके बाद भी यदि फिटनेस सहीं नहीं कराते तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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