फिरोजाबाद। सिरसागंज विधायक हरिओम यादव के पुत्र और जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष विजय प्रताप उर्फ छोटू ने मंगलवार को अपर जिला जज प्रथम आरपी सिंह के यहां पर सरेंडर कर दिया। अपर जिला जज प्रथम आरपी सिंह ने उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए। अंतरिम जमानत अर्जी जिला जज के यहां लगाई। इसमें 27 मार्च को सुनवाई की तिथि तय की है।
शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के गांव भांडरी निवासी राजीव यादव उर्फ बाले ने नौ अक्तूबर 2015 को दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उन्हें जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने से रोकने को विधायक सिरसागंज हरिओम यादव और उनके बेटे विजय प्रताप उर्फ छोटू ने साजिश कर जानलेवा हमला कराया। इस हमले में राजीव के ताऊ रमेशचंद्र बोहरे गंभीर रूप से घायल हुए थे। हरिओम यादव और विजय प्रताप के अलावा भांडरी के निवासी प्रशांत कुमार उर्फ लाला, दिनेश कुमार, विजयपाल उर्फ छोटे, सत्यप्रकाश एवं नगला मीर निवासी सुरेंद्र को भी नामजद किया था।
पुलिस ने जांच के बाद हरिओम यादव और छोटू सहित छह लोगों के नाम निकाल दिए थे। जबकि विजय पाल उर्फ छोटे के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। मामला न्यायालय पहुंचा तो हरिओम यादव, उनके बेटे विजय प्रताप उर्फ छोटू सहित सभी छह आरोपियों को तलब किया गया। हरिओम यादव ने हाईकोर्ट में अपील की थी। राहत नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट गए थे। दोनों न्यायालय से उन्हें राहत नहीं मिली। पांच मार्च को उन्होंने न्यायालय में सरेंडर कर दिया।
जमानत न मिलने पर उन्हें जेल जाना पड़ा। मंगलवार को विजय प्रताप उर्फ छोटू ने अपर जिला जज प्रथम आरपी सिंह के न्यायालय में सरेंडर किया। न्यायालय ने उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए। इस दौरान अंतरिम जमानत को अर्जी जिला जज गोविंद बल्लभ शर्मा के न्यायालय में लगाई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आरिफ खान ने कहा कि विजय प्रताप को जेल भेजने के आदेश हुए हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता नीरज यादव ने कहा कि जमानत अर्जी पर सुनवाई अब 27 मार्च को होगी।
विजय प्रताप के न्यायालय में सरेंडर करते ही मटसेना एसओ सुनील भारद्वाज के साथ शिकोहाबाद थाने का फोर्स न्यायालय परिसर पहुंच गया। न्यायालय की ओर से जेल भेजने का आदेश होने के साथ ही एसओ मटसेना और शिकोहाबाद के फोर्स ने उन्हें गाड़ी में बैठा लिया। इस दौरान छोटू के काफी समर्थक मौजूद रहे।