फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों के लिए लड़ने वाला हार गया जिंदगी की जंग

विज्ञापन
विज्ञापन
फिरोजाबाद/टूंडला। किसानों के हितों एवं उनकी समस्याओं के लिए लड़ने वाला किसान नेता जिंदगी की जंग हार गया। भारतीय किसान यूनियन भानू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह भानू के ज्येष्ठ पुत्र एवं भाकियू भानु युवा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रताप सिंह ने बुधवार सुबह खुदकुशी कर ली। उनकी मौत की खबर यूनियन कार्यकर्ताओं और किसानों में शोक की लहर दौड़ गई।
विज्ञापन


भारतीय किसान यूनियन भानू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह के साथ उनके ज्येष्ठ पुत्र ओमप्रताप सिंह ने किसानों की समस्याओं को पिता के साथ करीब से देखा तो वे किसानों की जंग में कूद पड़े थे।

उन्होंने माइनरों में टेल तक पानी, किसान आयोग का गठन, धान-गन्ना आलू का समर्थन मूल्य, टीटीजेड क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति, किसानों की कर्ज मांफी, किसान दुर्घटना बीमा जैसे मुद्दे उठाए। फरवरी और मई 2016 में यूनियन के प्रदेेश कार्यालय इमलिया में तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन में शासन के नुमाइंदो को मौके पर बुलाने और समस्याओं के निस्तारण की मांग की तो शासन ने एटा और फिरोजाबाद डीएम और एसएसपी सहित अन्य अधिकारियों को मौके पर भेजा था।
विज्ञापन


समस्या का निस्तारण नहीं होने पर उन्होंने एक जून 2016 को पूरे प्रदेश में हाइवे जाम कराए थे। टूंडला में उन्होंने खुद कमान संभाली तो तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें प्रतिनिधि मंडल के साथ लखनऊ बुलाकर वार्ता की थी। उन्होंने यमुना बचाओ आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। किसान नेता की आकस्मिक मौत से किसानों और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें