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अब बिहारीजी मंदिर के सीसीटीवी फुटेज बनेंगे निर्णायक

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कृष्णा - फोटो : डेमो
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मथुरा। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के दर्शनों की समय सीमा बढ़ाने के मामले में सीसीटीवी फुटेज और सेवा रजिस्टर का रिकार्ड अब निर्णायक होने जा रहा है। डीजीसी ने पिछले 10 दिन का रिकार्ड कोर्ट में पेश कराने की अपील की है। जिस पर कोर्ट क्षेत्राधिकार के साथ आठ जनवरी को निर्णय लेगी।
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बहुचर्चित वृंदावन स्थित ठाकुर बांके बिहारी जी महाराज के दर्शनों की समय सीमा बढ़ाए जाने के मामले में गुरुवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन कोर्ट में फिर सुनवाई हुई। डीजीसी बद्रीप्रसाद सिंह ने 23 दिसंबर 2017 से दो जनवरी 2018 तक मंदिर के सीसीटीवी फुटेज और सेवा रजिस्टर का रिकार्ड पेश करने की अपील कोर्ट के समक्ष की। उनका कहना है कि मंदिर के सेवायत खुद ही अपनी सुविधानुसार बिहारी जी के दर्शनों के समय को बढ़ाते रहते हैं।

सेवा रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज के मिलान से साफ हो जाएगा कि सेवायतों द्वारा कितने अधिक समय के लिए मंदिर खोला गया है। वहीं कोर्ट में इस बात पर भी बहस हुई कि क्षेत्राधिकार संबंधी हाईकोर्ट का निर्णय लागू होगा या नहीं। डीजीसी का कहना था कि हाईकोर्ट द्वारा जिस केस में क्षेत्राधिकार का निर्णय दिया है वह सुप्रीम कोर्ट ने अस्थाई रूप से निष्प्रभावी कर दिया है। इस मामले में हाईकोर्ट स्वत: दस जनवरी को निर्णय लेगा, लेकिन उससे पहले सिविल जज जूनियर डिवीजन द्वारा आठ जनवरी को मंदिर मामले में निर्णय दिया जाएगा।
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गुरुवार को कोर्ट में बिहारी जी के सेवायत हिमांशु गोस्वामी, रसिक राज गोस्वामी, रवि गोस्वामी, निक्की गोस्वामी मौजूद रहे।
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