आगरा। उत्तर- मध्य रेलवे के महाप्रबंधक एमसी चौहान ने कहा है कि निकट भविष्य में ट्रेनों में भी हवाई जहाज की तर्ज पर कोहरारोधी लेजर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। आरडीएसओ में इस तकनीक का ट्रेनों में प्रयोग करने पर परीक्षण चल रहा है।
फिलहाल कोहरे से निपटने को फॉग सेफ डिवाइस की मदद ली जा रही है। यात्री सुविधाएं बढ़ाने पर खास ध्यान है। आगरा में केंद्रीय विद्यालय का कोई औचित्य नहीं है।
जीएम ने आगरा कैंट स्टेशन पर मीडिया से बातचीत में कहा कि कैंट स्टेशन पर चार लिफ्ट लगाई जा रही हैं। एक स्वचालित सीढ़ी भी तैयार की जा रही है। मथुरा से झांसी तक तीसरी लाइन का काम दो से तीन साल में पूरा हो सकेगा।
कोहरे से निपटने में असफल रहने के सवाल पर जीएम ने बताया कि कोहरे से परिचालन पर कुछ असर तो पड़ता ही है, लेकिन फॉग सेफ डिवाइस का प्रयोग किया जा रहा है। ट्रेन प्रोटेक्शन वार्निंग सिस्टम पर भी काम चल रहा है।
भविष्य में लेजर तकनीक के प्रयोग से कोहरे में भी ट्रेनों की गति कम नहीं होगी। बताया कि रेलवे ट्रैकों की सुरक्षा और परिचालन पर नजर रखने को सुपरवाइजर और रेल अफसरों को पेट्रोलिंग करने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि ग्वालियर में बंगलौर राजधानी का ठहराव 25 दिसंबर से शुरू किया जा रहा है। मानव विहीन फाटकों को सितंबर 2018 तक पूरी तरह खत्म करने पर काम चल रहा है। आरओबी और एलएचएस बनाए जा रहे हैं, जहां तक आगरा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव है तो इस पर अभी कोई विचार नहीं हो रहा है, क्योंकि यहां विद्यालयों की कमी नहीं है।