वृंदावन (मथुरा)। मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण की चैतन्य विहार आवासीय कालोनी में खाली पड़े प्लाटों पर कच्चे मकान बनाकर रह रहे लोगों के घर ढहा दिए गए। इस दौरान लोग एकतरफा कार्रवाई से आक्रोशित हो गए। विरोध कर रही महिलाएं बुलडोजर से सामने खड़ी हो गईं। बाद में लोगों को प्लाट खाली करने की मोहलत देकर शांत कराया गया।
बताया गया है कि चैतन्य विहार आवासीय कालोनी की सोसाइटी ने विप्रा के अधिकारियों को शिकायत कर खाली प्लाट से कच्चे मकानों को हटाने की मांग की थी। शिकायत में इन कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों पर खुले में शौच कर गंदगी फैलाने का आरोप भी लगाया गया था। इस पर विप्रा के जेई मनीष तिवारी पुलिस बल के साथ सोमवार की शाम चैतन्य विहार कालोनी पहुंचे। यहां फेस 2 के खाली प्लाटों में बने कच्चे मकानों और अतिक्रमण को बुलडोजर से हटवा दिया।
इस दौरान महिलाएं बिना पूर्व सूचना के एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए बुलडोजर के सामने खड़ी होकर विरोध करने लगीं लेकिन पुलिस बल सामने उनकी नहीं चली। ध्वस्तीकरण के दौरान राम प्रकाश की दो बेटियां कच्चे मकान में ही सोती रह गईं। इन्हें बाद में निकाला गया। सूचना पर क्षेत्रीय प्रधान श्याम निषाद, ऋषभ उपाध्याय, महेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से वार्ता कर गरीबों को कुछ समय देने की मांग की। अधिकारियों ने दो दिन का समय दिया है।