मथुरा। जवाहरबाग हिंसा के एक आरोपी की रविवार को जिला कारागार में मौत से हड़कंप मच गया। नहाते वक्त गिरकर बेहोश हुए बंदी को आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने परिजनों को सूचित किया।
दो जून 2016 को जवाहरबाग हिंसा में दो पुलिस अफसरों समेत 29 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में लखीपुर खीरी के गांव बेला तुरसिया निवासी रामपाल (61) पुत्र चेतराम जिला कारागार की बैरक नंबर पांच में निरुद्ध था। रविवार सुबह प्रतिदिन की तरह बैरक का गेट खुला। सभी बंदियों के साथ रामपाल भी बैरक से बाहर आया। नहाते वक्त रामपाल की तबीयत बिगड़ी तो वह गिरकर बेहोश हो गया।
रामपाल को देख बंदियों में हड़कंप मच गया। बंदी को जेल के अस्पताल में ले जाया गया। यहां से चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। जेलर अरविंद पांडेय ने बताया कि तीन जून 2016 से जेल में बंद जवाहर बाग हिंसा के आरोपी की नहाते वक्त मौत हुई है।