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#LadengeCoronaSe: आगरा में 17 साल के किशोर ने दी कोरोना को मात, एसएन में ठीक हुआ तीसरा मरीज

Mon, 13 Apr 2020 03:16 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

घरों में रहें और खुद की रक्षा करें, इसी में समझदारी: कुणाल त्यागी
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कोरोना से जंग जीतने वालो 17 वर्षीय कुणाल त्यागी एसएन मेडिकल से हुआ डिस्चार्ज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कॉलेज संचालक के 17 साल के बेटे कुणाल त्यागी को भी रविवार की देर शाम एसएन मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज कर दिया गया। दो लगातार रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उनको घर भेज दिया गया। एसएन से ठीक होकर जाने वाले वह तीसरे मरीज हैं। 
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रावली क्षेत्र में रहने वाले कॉलेज संचालक के 17 वर्षीय बेटे इंग्लैंड में फाइनेंस मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे थे। विगत 18 मार्च को वह आगरा आए थे। 28 मार्च को नमूना लिया गया और अगले दिन रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भर्ती कर लिया गया। उनकी दो रिपोर्ट लगातार निगेटिव आने के बाद चिकित्सकों ने डिस्चार्ज करने का निर्णय लिया। 

रविवार देर शाम एंबुलेंस के जरिए उनको घर छोड़ा गया। इससे पहले वाटर वर्क्स क्षेत्र के चिकित्सक के बेटे, आगरा कैंट क्षेत्र की महिला यहीं से ठीक होकर गए हैं। खंदारी क्षेत्र के रहने वाले जूता कारोबारी के पांच सदस्य और उनके कारखाने के मैनेजर, उनकी पत्नी भी ठीक हो गए हैं। उनका इलाज दिल्ली में चला था। प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा ने बताया कि एसएन से यह तीसरा मरीज ठीक होकर गया है। इसे एहतियातन 14 दिन के होम क्वारंटीन में रहने को कहा है।
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चिकित्सक की भी रिपोर्ट आई निगेटिव
एसएन में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती चिकित्सक की जांच में रिपोर्ट निगेटिव आई है। इनका बेटा शनिवार को डिस्चार्ज कर दिया गया है। इलाज करने वाले चिकित्सकों ने बताया कि एक और रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद इनको भी डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। 
पापा क्यों टेंशन लेते हो, कहा और टीम के साथ चल दिया: डॉ. एसके त्यागी
17 साल के कुणाल त्यागी के पिता डॉ. एसके त्यागी ने बताया कि उनका बेटा उनसे ज्यादा हिम्मतवाला है। इग्लैंड से लौटने के बाद स्क्रीनिंग में लक्षण न आने पर नमूने नहीं लिए। 28 को जुकाम होने पर जिला अस्पताल जांच को गए, 29 को रिपोर्ट आई।

स्वास्थ्य विभाग से उनके पास फोन आया कि बेटे की रिपोर्ट पॉजिटिव है, यह सुनकर सन्न रह गया था। बेटे को बताया कि कोरोना का संक्रमण हुआ है, तुम्हें लेने के लिए टीम आ गई है। इतना सुनते ही बेटा पलंग से उठा और बोला, टेंशन क्यों लेते हो पापा, सब ठीक हो जाएगा।

इतना कहा और मोबाइल, चार्जर लेकर टीम के साथ चला गया। उसके जाने के बाद दादा, दादी और उसकी मां का हाल बुरा हो गया। आइसोलेशन वार्ड में जाकर भी वह रोज घर पर बात करता और कहता था कि क्यों परेशान हो रहे हो 14 दिन बाद वापस आ जाऊंगा। 
 
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घरों में रहें और खुद की रक्षा करें, इसी में समझदारी: कुणाल त्यागी
डिस्चार्ज होने के बाद कुणाल ने फोन पर बातचीत में बताया कि कोरोना वायरस को लापरवाही से लेने वाले देशों में हाहाकार मचा हुआ है। अपने देश में लॉकडाउन से स्थिति नियंत्रित है। लोगों से अपील है कि लॉकडाउन की गंभीरता को समझें और घरों पर ही रहें।

यही समझदारी और जिम्मेदारी भी है। कोरोना वायरस को मात देने के लिए मानसिक शक्ति की भी भूमिका रही। उन्होंने बताया कि 14 दिन में हम सभी मरीज एक परिवार की तरह रहे। एक-दूसरे को प्रोत्साहित करने के लिए सकारात्मक बातें करते थे। चिकित्सक भी हमारी काउंसलिंग करते थे। इलाज में एक गोली और हेल्दी डायट काम कर गई। लोगों से यही कहना है कि चिकित्सकों का समर्थन करें।
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