ताजगंज प्रोजेक्ट
शहर में फ्री, लेकिन ताजगंज में पैसे लेकर लाइन अंडरग्राउंड कर रही टोरंट
कोबल स्टोन लगाने का काम तेज, खंभे लगे होने से छोड़ा जा रहा क्षेत्र
197 करोड़ रुपये के ताजगंज प्रोजेक्ट में मलमल पर टाट के पैबंद दिखाए जा रहे हैं, वो भी तब, जब 17 करोड़ रुपये बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने के दिए गए हैं। राजकीय निर्माण निगम ने 17 करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम टोरंट पावर को एचटी और एलटी तारों को भूमिगत करने के लिए दी है। पूर्वी गेट पर तो कुछ खंभे हटा दिए गए, लेकिन दक्षिणी गेट पर बिजली के तारों का संजाल और गिरासू खंभे ताज की छवि खराब कर रहे हैं। कोबल स्टोन का काम दक्षिणी गेट पर तेजी से हो रहा है, लेकिन खंभे लगे होने से उतने क्षेत्र को छोड़ दिया जा रहा है। खंभे हटाने के बाद वह हिस्सा खराब दिखाई देने लगेगा।
ताजमहल के 100 मीटर क्षेत्र में 250 से ज्यादा गिरासू खंभे हैं, लेकिन इन्हें हटाने का काम टोरंट धीमे कर रहा है। जो केबल टोरंट ने अंडरग्राउंड किए भी थे, उनमें फाल्ट होने से उन्हें बदलने की जगह केबल बाईपास कर ओवरहेड ही डाल दी जा रही है। करीब 52 खंभे ऐसे रह गए हैं जो कुत्ता पार्क से लेकर पश्चिमी गेट तक लगे हैं। शुक्रवार को फाल्ट की स्थिति में टोरंट ने ओवरहेड ही केबल लगाई, जबकि यहां नलिका में केबल लगाने का प्रावधान किया गया है।
ताजगंज क्षेत्र में हमने कुछ खंभे हटाए हैं, लेकिन सभी खंभे हटाने पर पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाएगा। बिजली के खंभों पर ही नगर निगम ने स्ट्रीट लाइट लगा रखी है। जब तक स्ट्रीट लाइट का वैकल्पिक इंतजाम नहीं होता, तब तक खंभे नहीं हटाए जा सक ते।
पीआरओ, टोरंट पावर