आगरा। जिला अस्पताल में बुखार-खांसी के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। बुधवार को 1697 मरीजों के पर्चे बने, जिसमें से 565 को बुखार-खांसी और सीने में जकड़न की परेशानी के रहे। सुबह 10 से 12 बजे तक पर्चा बनवाने को मारामारी रही। डेढ़ से दो घंटे लाइन में खड़े होने पर पर्चा बन पाया।
प्रमुख अधीक्षक डॉ. एके अग्रवाल ने बताया कि बुखार, खांसी, सिर में दर्द, उल्टी, सीने में जकड़न के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं। बुधवार को 565 बच्चों और व्यस्कों में यह परेशानी मिली। इनमें से डेंगू के संदिग्ध मरीज मिलने पर नौ की जांच कराई है। तीन को भर्ती कराया गया है। कुल ओपीडी में बुखार-खांसी के अधिकांश मरीज देहात के हैं। 10 से 12 बजे तक मरीजों की भीड़ अधिक होने से धक्का-मुक्की होती है। व्यवस्था के लिए गार्ड भी लगाया है।
- आंख का इलाज कराने आई थी, यहां बहुत भीड़ थी, डेढ़ घंटे तक लाइन में खड़ा होना पड़ा, काउंटर और बढ़ा दिए जाएं तो महिलाओं को परेशानी कम होगी।
प्रेमवती, बोदला
- बुखार आ रहा था, खड़े होने में भी परेशानी हो रही थी, धक्का-मुक्की भी हो रही थी, जैसे-तैसे पर्चा बनवाया। गार्ड ने भी कोई मदद नहीं की। काउंटर और बढ़ाए जाएं।
सरिता, ताजगंज
- एसएन मेडिकल कॉलेज के ओपीडी के सह प्रभारी डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि प्राचार्य के निर्देश पर ओपीडी के कमरा नंबर 12-सी में बुखार सहायता केंद्र खोला है, जहां पर बुखार-खांसी के मरीज देखे जाएंगे। इसमें अतिरिक्त चिकित्सकों की व्यवस्था की है। संदिग्ध होने पर नमूना वायरोलॉजी लैब भेजा जाएगा। एसएन में बुखार के 309 मरीज आए, जिसमें 93 बच्चे रहे।