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प्रशासन ने ढाह दिए अवैध निर्माण, कब्जा धारकों पर मुकदमा

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सोरों(कासगंज)। कस्बे के पजाया मोहल्ले में सरकारी जमीन पर किए गए अवैध निर्माण प्रशासन ने एक भवन और सात अवैध कब्जे ढहा दिए हैं। कब्जा धारकों को खदेड़कर प्रशासन ने जमीन कब्जे में ले ली है। वर्ष 1999 में सरकारी जमीन पर कब्जा कर कब्जा धारक उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश ले आया था। पिछले साल दिसंबर माह में स्थगन निरस्त होने के बाद प्रशासन ने अवैध कब्जे हटाए हैं।
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वर्ष 1999 में सोरों के गांव ठठेरपुर निवासी छोटे पुत्र जीसुख ने पजाया मोहल्ले की 0.275 हेक्टेयर क्षेत्रफल जमीन पर अपना कब्जा किया। चकबंदी न्यायालय एटा से उसने इस जमीन पर अपना नाम अंकित करा लिया था। छोटे की मौत के बाद यह जगह विरासत में उसके बेटे दीनदयाल को मिल गई। दीन दयाल ने इस जगह में प्लॉटिंग कर दी और कई लोगों को प्लॉट बेच दिए। फर्जी तरीके से जमीन अपने नाम कराने की शिकायत प्रशासन को मिली तो मामले की जांच वर्ष 2005 के बाद शुरू हुई। दीन दयाल उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश ले आया। फिर न्यायालय में दीनदयाल और सरकार ने अपनी अपनी पैरवी की। दिसबंर 2018 में न्यायालय ने स्थगन आदेश निरस्त करते हुए यह जमीन सरकारी मानी। न्यायादेश मिलने के बाद प्रशासन ने अवैध कब्जा धारकों को नोटिस दिए, लेकिन कब्जे नहीं हटे। गुरुवार को उपजिलाधिकारी ललित कुमार, तहसीलदार एसपी वर्मा के निर्देशन में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। जेसीबी से अवैध निर्माण ढहा दिए गए। तहसीलदार एसपी वर्मा सात अवैध कब्जा धारकों पर मुकदमा दर्ज कराया है।
इन पर हुआ मुकदमा
सोरों। अवैध कब्जा धारक अजय माहेश्वरी, नीरज मौय, सीमा माहेश्वरी, रामसेवक, सोमप्रकाश, विनोद साहू, प्रमोद चौहान के खिलाफ सोरों कोतवाली में लोक संपत्ति निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया गया।
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- अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया था। चकबंदी अधिकारी की रिपोर्ट आने के बाद अवैध कब्जे हटवा दिए हैं। ललित कुमार, एसडीएम।
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