एटा। बेशक आयुष्मान भारत योजना को शुरू हुए 11 दिन का समय बीत गया हो लेकिन अभी तक जिले में पात्रों को योजना का लाभ मिलते हुए नहीं मिल पा रहा है। अभी तक सरकारी से लेकर निजी अस्पताल तक सिर्फ मरीजों को गोल्डन कार्ड ही बनाकर दे रहे हैं।
दरअसल, आयुष्मान भारत योजना में चयनित निजी चिकित्सक और स्वास्थ्य विभाग के बीच एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) तैयार हुआ है जिस पर निजी चिकित्सक ने अपने यहां से तो भेज दिया है। मगर अभी लखनऊ स्वास्थ्य विभाग से जलेसर के निजी अस्पताल संचालक को प्राप्त नहीं हुआ है। जिले में एमओयू के अभाव में आयुष्मान भारत योजना अटक कर रह गई है। बताते चले कि जिले में जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल के अलावा जलेसर के रुप किशोर गौतम मानव सेवा संस्थान का चयन किया गया है।
- ये बनवा चुके हैं गोल्डन कार्ड
जिले में चयनित सरकारी और निजी अस्पताल में सिर्फ अभी तक गोल्डन कार्ड बनाने का काम चल रहा है। इसके अलावा लाभार्थी को इलाज नहीं मिल पा रहा है। बताते चले कि जिले में 89 हजार परिवारों का आयुष्मान भारत योजना में चयन हुआ है। करीब चार लाख सदस्य योजना से लाभान्वित होंगे। जिनमें से शशि प्रभा, ममता, अफसरी, दीपमा, नाजिम, सर्वेश, अरविंद, संतोष कुमार, नरायन देवी, हरीश चंद्र, राजेन्द्र कुमार, मुन्नी देवी आदि ने गोल्डन कार्ड बनवा लिया है।
-- अभी नहीं शुरू किया इलाज
जलेसर के रुप किशोर गौतम मानव सेवा संस्थान के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय कुमार गौतम का कहना है कि स्वास्थ्य अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक आपको एमओयू नहीं मिल जाता। तब तक आप योजना के तहत किसी का इलाज न करें। इसलिए अभी हम सिर्फ गोल्डन कार्ड बनाने का काम कर रहे हैं।
- यह होता है एमओयू
स्वास्थ्य विभाग और निजी चिकित्सक के बीच एमओयू (समझौता ज्ञापन) हुआ है। इसमें हर बीमारी और कितने दिन तक अस्पताल में मरीज को भर्ती किए जाने आदि को लेकर समझौता है। जिससे कोई भी निजी चिकित्सक अपनी मनमर्जी से सरकार से धन प्राप्त न कर सके।
आंकड़ों पर नजर
89 हजार परिवार किए गए है योजना में शामिल
04 लाख जिले के सदस्यों को मिलेगा लाभ
03 अस्पताल जिले में किए गए है चयनित
11 दिन पहले प्रधानमंत्री ने योजना का किया था शुभारंभ