नोटिस के बाद भी चल रहा अवैध प्रसव केंद्रण्
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एटा। प्रसूताओं को स्वास्थ्य सेवा दिलाने के सरकार के दावों की स्वास्थ्य विभाग धज्जियां उड़ा रहा है। शहर में खुलेआम चल रहे अवैध प्रसव केंद्रों को लेकर की गई कार्रवाइयां अब ठंडे बस्ते में हैं। आलम यह है कि शहर की गलियों में खुलेआम अवैध प्रसव केंद्र संचालित हो रहे हैं।
विगत दिनों तत्कालीन नोडल अधिकारी और एसीएमओ डा. चंद्रशेखर शर्मा ने कैलाशगंज में अवैध प्रसव केंद्र का संचालन पकड़ा था। एसीएमओ ने प्रसव केंद्र संचालिका अन्नू उपाध्याय को केंद्र बंद करने का नोटिस दिया था। इसके कुछ दिनों बाद सीएमओ ने नोडल अधिकारी को बदल दिया। नोडल अधिकारी बदलते ही अवैध प्रसव केंद्र फिर शुरू हो गए। कैलाशगंज में अन्नू उपाध्याय ने फिर से प्रसव केंद्र शुरू कर दिया है। प्रसव केंद्र संचालिका अन्नू उपाध्याय के पास न तो कोई डिग्री है और न ही कोई डिप्लोमा। यहां बड़ी संख्या में प्रसूताएं पहुंचती हैं। कई बार केंद्र पर प्रसूताओं का सही इलाज नहीं मिलने से हंगामा भी हो चुका है, लेकिन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करने से बचता है। अन्नू उपाध्याय बताती हैं कि सब काम कर रहे हैं, तो हम भी कर रहे हैं।
भाजपा नेता की शह पर चल रहा काम
कैलाशगंज में चल रहे प्रसव केंद्र के पीछे एक भाजपा नेता का हाथ बताया जा रहा है। बताया जाता है कि सत्ता की धमक और हिंदू संगठन चलाने वाले नेता की वजह से प्रशासन और विभाग कार्रवाई करने से बच रहे हैं।