एटा। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में फर्जी टिकट के साथ डीजल चोरी का खेल भी जमकर हो रहा है। अधिकारियों की शह पर चालक परिचालक बसों से डीजल की चोरी कर निगम को राजस्व का चूना लगा रहे हैं। कासगंज डिपो की एक बस में डीजल चोरी का खेल सामने आया है। इस खेल का खुलासा आरटीआई से मिली जानकारी से हुआ है जिसमें कासगंज डिपो की बस ने यात्रा पूरी की नहीं और ज्यादा डीजल डलवाकर खेल कर दिया। इसकी साक्ष्य समेत शिकायत एसटीएफ से की गई है।
दरअसल, कासगंज डिपो की बस संख्या यूपी 81बीटी 5704 की 12 से 18 जून तक की बीटीएस रिपोर्ट, डीजल विवरण, टिकट डिटेल और बैगवाइज डिटेल निगम के कासगंज डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक से सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई थी। निगम द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर कई खुलासे हुए हैं। कासगंज डिपो की बस दिल्ली से सिकंदराराऊ-कासगंज होते हुए धुमरी तक जाती है। रिपोर्ट में पता लगा है कि 12 जून को बस दिल्ली से अतरौली होते हुए कासगंज पहुंची। जबकि धुमरी से करीब 10 किमी पहले वापस आ गई। करीब 520 किमी बस संचालन के लिए 102 लीटर डीजल डाला गया। इसके बाद 14-15 जून को बस सिढ़पुरा और धुमरी के बीच से वापस आ गई। इसके लिए बस 110 लीटर डीजल डाला गया। जबकि बस महज 504किमी चली। वहीं अन्य दिनों में बस में औसतन 100-102 लीटर के बीच डीजल डाला जाता है। बीटीएस रिपोर्ट से साफ है कि बस धुमरी से कई किलोमीटर पहले ही वापस होती रही है। ऐसे में साफ है कि डीजल चोरी का खेल चल रहा है, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
मई में भी पकड़ में आया खेल
कासगंज डिपो की उक्त बस 11 और 12 मई को दिल्ली से कादरगंज मार्ग पर थी। 534 किमी बस संचालन पर बस में 103 लीटर डीजल डाला गया था, लेकिन बीटीएस रिपोर्ट बताती है कि बस कादरगंज से करीब 15 किमी पहले वापस आ गई। खेल के सामने आने के बाद भी अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की।
एसटीएफ से शिकायत, दिए साक्ष्य
आरटीआई कार्यकर्ता सुनील कुमार ने डीजल चोरी प्रकरण की शिकायत एसटीएफ के एसपी आलोक प्रियदर्शी से की है। आरटीआई एक्टिविस्ट से फोन पर वार्ता कर एसपी को मामले की जानकारी दी है। जिस पर एसपी ने साक्ष्य मांगे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता ने एसटीएफ को एटा और कासगंज डिपो में हुए कई घोटालों की साक्ष्य समेत शिकायत भेजी है।