मथुरा। रेलवे स्टेशन से निकलने वाले कूड़े को रेलवे कर्मचारी नगर निगम के खत्ताघर पर न पहुंचा कर रेलवे स्टेशन के निकट ही जला रहे हैं। इससे एक तो एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं, दूसरा यात्रियों को रोजाना धुएं से गुजरना पड़ रहा है।
मथुरा जंक्शन से रोजाना 25 से 28 हजार यात्रियों का आवागमन होता है, वहीं रोजाना तीन से चार ट्राली कूड़ा रोज निकलता है। सुबह चार बजे से होने वाली प्लेटफार्म, सरकुलेटिंग एरिया व रेल लाइनों की सफाई के बाद रेलवे व ठेकेदार के कर्मचारी कूड़े को नगर निगम के खत्ताघर में न ले जाकर रेलवे लाइन किनारे जला रहे हैं।
इसमें प्लेटफार्म एक, दो तीन के कूड़े को इंजीनियरिंग कार्यालय के सामने, प्लेटफार्म सात आठ नौ के कूड़े को आगरा एंड की ओर जलाया जा रहा है। ऐसा रोजाना सुबह सात से आठ बजे के बीच हो रहा है। सुबह दिल्ली, आगरा, फरीदाबाद जाने वाले दैनिक यात्री व अन्य यात्रियों को धुएं से दो चार होना पड़ता है।
स्टेशन की सफाई व कूड़ा निस्तारण को है मोटा बजट
मथुरा। मथुरा रेलवे जंक्शन के प्लेटफार्म, सरकुलेटिंग एरिया, रेलवे ओवर ब्रिज, लाइन की सफाई, मशीनों से कराने तथा निकलने वाले कूड़े को नगर निगम की सीमा तक पहुंचाने का आठ लाख रुपये महीने से अधिक का बजट है, फिर भी रेलवे कर्मचारी कूड़े को स्टेशन के नजदीक ही जला रहे हैं।