मथुरा। 19 दिन पूर्व लापता हुए रिक्शा चालक का शव यमुना में भोला घाट से कुछ ही दूरी पर गोकुल बैराज की तरफ मिल गया। तंत्र-मंत्र केलिए रिक्शा चालक की दो अप्रैल को रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। उसके शव को गोकुल के भोलाघाट से यमुना में फेंक दिया गया था।
छह दिन पहले हत्थे चढ़े रिक्शा चालक के पांचों हत्यारोपियों को शनिवार को रिमांड पर लेकर पुलिस ने यमुना में शव की खोजबीन की तो शव बरामद हो गया। लखीमपुर खीरी के गांव मेहवा और हाल थाना सदर बाजार के मोहल्ला मुकेरियान निवासी किशोर का 19 वर्षीय बेटा सचिन रिक्शा चालक था। 2 अप्रैल को आरोपी लक्ष्मण और सोनू नाम के दो युवक उसे मजदूरी के बहाने तांगा स्टैंड से लिवा ले गए थे।
युवक के लापता होने पर पिता ने नौ अप्रैल को गुमशुदगी दर्ज कराई। तलाश में जुटी सदर बाजार पुलिस के हत्थे पांच हत्यारोपी चढ़ गए। पूछताछ में हत्यारोपियों ने तंत्र-मंत्र में फंसकर अविवाहित रिक्शा चालक की रस्सी से गला घोंटकर हत्या करने और शव गोकुल के भोलाघाट से यमुना में शव फेंकने की बात कही।
पुलिस ने सदर बाजार के माली मुरसदपुर निवासी राजेंद्र यादव, विनोद सैनी, लक्ष्मण सैनी, सोनू सैनी उर्फ कंजा, हाथरस के मोहल्ला विष्णुपुरी निवासी बंटी सैनी को जेल भेज दिया।
रिक्शा चालक का शव खोजने के लिए रिमांड पर लाए गए पांचों हत्यारोपियों को लेकर पुलिस ने यमुना में तलाश की तो शव मिल गया। प्रभारी निरीक्षक संतोष त्यागी ने बताया कि भोलाघाट से कुछ ही दूरी यमुना में युवक का नग्न शव मिला है। शव काफी गल चुका है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है।