मथुरा। जिला अस्पताल में दवाओं का टोटा हो गया है। मजबूरी में बाहर से दवाएं लेनी पड़ रही हैं। पिछले एक सप्ताह से किल्लत चली आ रही है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि दवाओं की सप्लाई करने वाली कंपनी मांग के मुताबिक दवा उपलब्ध नहीं करा पा रही है। सीएमएस ने भी निदेशक भंडारण को रिपोर्ट भेज दी है। साथ ही दवाओं की कमी से संबंधित पत्र सीएमएस आफिस पर चस्पा कर दिया गया है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब एक हजार मरीजों की ओपीडी होती है। यहां चिकित्सकों के पहुंचने से पहले ही मरीजों की लाइन लग जाती है। शासन की निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप मरीजों को दवाएं भी जिला अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन पिछले कुछ समय से जिला अस्पताल में दवा आपूर्ति की स्थिति गड़बड़ा रही है। विभिन्न फर्मों द्वारा दवाओं की आपूर्ति नहीं की जा रही है। इससे स्थिति चिंताजनक हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा खराब स्थित मल्टी विटामिन, कैल्सियम और विटामिन संबंधी दवाओं की है। उपरोक्त दवाओं की कमी के चलते चिकित्सक भी इन्हें लिखने से परहेज कर रहे हैं।
ऐसी स्थिति में मरीज किसी प्रकार का हंगामा या फिर शिकायत करें, उससे पहले ही सीएमएस डॉ. वीके गुप्ता ने निदेशक भंडारण लखनऊ को भेजे पत्र की प्रति आपने कार्यालय कक्ष के बाहर चस्पा कर दी है। इसमें कहा है कि यूपीडीवीडीएमएस पर दवाओं की आपूर्ति के लिए ऑनलाइन मांग विभिन्न संबंधित फर्मों से की गई है। लेकिन अधिकतर फर्मों ने दवाओं की आपूर्ति अब तक नहीं की है। संपर्क करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। इसके कारण जिला अस्पताल में आवश्यक दवाएं खत्म हो रही हैं। इससे मरीजों के उपचार में बाधा आ रही हैं।
अस्पताल में भटक रहे मरीज
मथुरा। दवाओं की किल्लत ने स्वास्थ्य सेवाओं को गड़बड़ा दिया है। स्थिति यह है कि मरीजों को दवाएं मिल नहीं पा रही हैं। दूरदराज से अस्पताल आने वाले मरीज भटक रहे हैं। अब दवाओं की यह किल्लत कब खत्म होगी इसका जवाब भी किसी के पास नहीं है। बस सभी यह कह रहे हैं कि मुख्यालय को अवगत करा दिया गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही दवाओं का टोटा खत्म हो जाएगा।